गांधी और शास्त्री जयंती तथा विजय दशमी की भव्यता: श्रद्धा और उल्लास से भरी मन celebrations

Oct 2, 2025 - 14:44
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गांधी और शास्त्री जयंती तथा विजय दशमी की भव्यता: श्रद्धा और उल्लास से भरी मन celebrations
गांधी और शास्त्री जयंती तथा विजय दशमी की भव्यता: श्रद्धा और उल्लास से भरी मन celebrations

गांधी और शास्त्री जयंती तथा विजय दशमी की भव्यता: श्रद्धा और उल्लास से भरी मन celebrations

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कम शब्दों में कहें तो, टिहरी गढ़वाल में गांधी जयंती, पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जयंती और विजय दशमी का पर्व आज श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया।

टिहरी गढ़वाल, 2 अक्तूबर: जनपद टिहरी गढ़वाल में आज भीड़भाड़ वाले पुलिस कार्यालय नई टिहरी में शुभ अवसर पर एसएसपी टिहरी ने गांधी जी और शास्त्री जी के चित्र पर पुष्प अर्पित करके कार्यक्रम का शुभारंभ किया। यह आयोजन न केवल इन महापुरुषों की विरासत को सम्मानित करता है, बल्कि आज के समाज के लिए उनके संदेश को लागू करने की प्रेरणा भी देता है।

सत्य, अहिंसा और सेवा का संदेश

इस विशेष अवसर पर एसएसपी ने गांधी जी के सत्य, अहिंसा और स्वच्छता के संदेश को दोहराया। उन्होंने यह भी बताया कि शास्त्री जी का “जय जवान, जय किसान” नारा आज भी समाज में अत्यंत प्रासंगिक है। पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने इससे प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का संकल्प लिया। यह स्पष्ट है कि गांधी और शास्त्री के आदर्शों को अपनाकर ही हम अपने देश की भलाई में योगदान कर सकते हैं।

विजय दशमी का उत्सव

विजय दशमी के अवसर पर बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश दिया गया, जिससे सामाजिक और सांस्कृतिक जागरूकता को बढ़ावा मिला। थाना क्षेत्रों में इस दिन के उपलक्ष्य में सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। ये कार्यक्रम न केवल मनोरंजन करने वाले थे, बल्कि लोगों को एकजुट करने और समाज में सामंजस्य स्थापित करने का भी कार्य कर रहे थे।

सामाजिक एकता की प्रेरणा

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जे.आर. जोशी, सभी थाना प्रभारियों और फायर सर्विस अधिकारियों ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर सभी ने अपने कार्यों में गांधी जी और शास्त्री जी के पदचिन्हों पर चलने की प्रेरणा ली। यह मूल्यवान कदम हमें उनके विचारों को वास्तविकता में उतारने का अवसर प्रदान करता है।

इन उत्सवों का आयोजन हमें यह संदेश देता है कि हम जितना अपने महापुरुषों को याद करेंगे, उतना ही उनके आदर्शों का पालन करना आसान होगा। यह दिन हमें अपने देश और समाज की सेवा के प्रति जागरूक बनाता है।

मेरे विचार में, ऐसे कार्यक्रमों की निरंतरता न केवल हमें अतीत के महान व्यक्तित्वों को याद दिलाती है बल्कि हमें आगे बढ़ने के लिए भी उत्साहित करती है। ऐसे अवसर हमें विभिन्न पृष्ठभूमियों के लोगों के एक साथ आने और एक साझा दृष्टिकोण विकसित करने की प्रेरणा देते हैं।

इसके अलावा, हमें इस बात पर भी विचार करना चाहिए कि क्या हम वास्तव में उन आदर्शों का पालन कर रहे हैं जिन्हें यह महान व्यक्ति स्थापित करते हैं। हमारी युवाओं को इन संदेशों का बेहतर समझ प्रदान करना अत्यंत आवश्यक है। इससे न केवल हमें बेहतर समाज बनाने में मदद मिलेगी, बल्कि राष्ट्र के विकास में भी सहायक सिद्ध होगा।

अंत में, ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से हम हमारे समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को निभाने की प्रेरणा लेते हैं और इसमें हम सभी को सक्रिय भागीदारी करनी चाहिए।

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टीम अमृता बाजार पत्रिका

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