गुलदार को पकड़ने के आदेश: मानव-वन्यजीव संघर्ष पर सख्त कार्रवाई
गुलदार को पकड़ने के आदेश: मानव-वन्यजीव संघर्ष पर सख्त कार्रवाई
बच्चों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम, वन-राजस्व टीमें तैनात
पौड़ी, 04 अप्रैल 2026। विकासखंड पोखड़ा क्षेत्र में हाल के दिनों में बढ़ती मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं के मद्देनजर, वन विभाग ने एक सख्त और त्वरित रणनीति अपनाई है। जनसुरक्षा, विशेष रूप से स्कूली बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक ने सक्रिय गुलदार को पकड़ने के साथ-साथ जरूरी परिस्थितियों में उसे नष्ट करने की अनुमति भी दी है।
डीएफओ गढ़वाल महातिम यादव ने जानकारी दी कि इस मुद्दे की गंभीरता को देखते हुए उच्चाधिकारियों से विशेष अनुमति मांगी गई थी, जिसे वन संरक्षक, गढ़वाल वृत्त की संस्तुति के बाद मंजूरी मिली। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 (संशोधित 2022) की धारा 11(1)(क) के अनुसार, गुलदार को पिंजरे में कैद करने या ट्रैंक्युलाईज करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि सभी प्रयास विफल होते हैं, तो अंतिम विकल्प के रूप में उसे नष्ट करने की अनुमति भी दी गई है।
निगरानी और उपाय
डीएफओ ने स्पष्ट किया कि यह आदेश केवल चिन्हित गुलदार पर लागू होगा और इसे एक महीने तक प्रभावी माना जाएगा। इस दौरान क्षेत्र में निगरानी के लिए तीन पिंजरे और 20 ट्रैप कैमरे लगाये गये हैं। इसके अलावा, फ़ील्ड में दो लाइसेंसधारी शिकारियों की तैनाती की गई है और ड्रोन जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग भी किया जा रहा है।
जन-जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए वन विभाग लगातार अभियान चला रहा है ताकि ग्रामीण सतर्क रहें और किसी भी आपात स्थिति की सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को दे सकें।
बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता
प्रभावित क्षेत्र में 6 अप्रैल तक स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है। विद्यालय खुलने के बाद, वन और राजस्व विभाग की संयुक्त टीमें बच्चों को उनके घर से स्कूल और स्कूल से वापस सुरक्षित पहुंचाने की ज़िम्मेदारी निभाएंगी। यह कदम स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए उठाया जा रहा है।
ग्रामीणों के लिए विशेष व्यवस्था
ग्रामीणों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, वन विभाग द्वारा पालतू मवेशियों के लिए चारा और पत्तियां उपलब्ध करायी जा रही हैं। यह व्यवस्था तब तक जारी रहेगी जब तक गुलदार को पकड़ा या नष्ट नहीं कर दिया जाता और क्षेत्र में सामान्य स्थिति बहाल नहीं होती।
जिला प्रशासन और वन विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे सतर्क रहें, बच्चों को अकेले बाहर न भेजें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें।
कम शब्दों में कहें तो, वन विभाग ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए गुलदार पर कड़ी कार्रवाई की योजना बनाई है। अधिक जानकारी के लिए आप हमारे पोर्टल पर जा सकते हैं: Amrita Bazaar Patrika
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सादर,
टीम अम Rita Bazaar Patrika
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