चंबा ब्लॉक प्रमुख ने लिया नृसिंह पीठाधीश्वर से आशीर्वाद, बताया धर्म और राजनीति का संबंध
चंबा ब्लॉक प्रमुख ने लिया नृसिंह पीठाधीश्वर से आशीर्वाद, बताया धर्म और राजनीति का संबंध
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कम शब्दों में कहें तो, चंबा ब्लॉक प्रमुख श्रीमती सुमन सजवाण ने भैयादूज के त्योहार पर परमाध्यक्ष नृसिंह पीठाधीश्वर स्वामी रसिक महाराज से आशीर्वाद लिया। हरिद्वार में आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने समस्त प्रदेशवासियों के लिए मंगलकामना की।
रायवाला हरिद्वार में भाजपा की तेजतर्रार नेता एवं चंबा ब्लॉक प्रमुख श्रीमती सुमन सजवाण ने भैयादूज के पावन अवसर पर नृसिंह वाटिका आश्रम खांड़ गाँव नंबर एक पहुंचकर स्वामी रसिक महाराज का आशीर्वाद लिया। इस मौके पर, प्रमुख महोदया ने अपने पति अरविन्द सजवाण के साथ मिलकर भगवान नृसिंह देवता के दरबार में वेदपाठी आचार्य श्री सूर्य शर्मा द्वारा किए गए लक्ष्मी नारायण के महाभिषेक एवं महाआरती का आयोजन किया।
आशीर्वाद का महत्व
इस अवसर पर, श्रीमती सजवाण ने आश्रम की संचालिका माँ देवेश्वरी से मंगल तिलक लिया और स्वामी जी के चरणामृत का लाभ उठाया। नृसिंह पीठाधीश्वर स्वामी रसिक महाराज ने अपने आशीर्वचन में धर्म और राजनीति के बीच के जटिल और गहरे संबंध पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह संबंध समाज में लोगों के विश्वासों, मूल्यों और शक्ति संबंधों को प्रभावित करने वाला होता है। धर्म नैतिक और सामाजिक मार्गदर्शन प्रदान कर सकता है, जबकि राजनीति इन मूल्यों को कानूनों और नीतियों के माध्यम से आकार देती है।
धर्म और राजनीति का जटिल संबंध
स्वामी जी ने इस बात पर ध्यान दिलाया कि राजनीतिक नेता अक्सर धर्म का उपयोग समर्थन जुटाने के लिए करते हैं और धर्म कभी-कभी सामाजिक न्याय जैसे राजनीतिक लक्ष्यों को बढ़ावा देता है। हालांकि, इस संबंध को धार्मिक स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक सिद्धांतों को बनाए रखने के लिए सावधानीपूर्वक प्रबंधित करने की आवश्यकता है। यह संदेश न केवल नेताओं के लिए बल्कि नागरिकों के लिए भी महत्वपूर्ण है।
अन्य उपस्थित प्रमुख राजनीतिक चेहरे
इस धार्मिक अवसर पर युवा भाजपा नेता उम्मेद सिंह सजवाण, प्रशांत गौड़, श्रीमती रानी गौड़, रेखा भण्डारी, कमलेश तिवारी, धनीराम गोयल और आश्रम से जुड़े भक्तजन भी उपस्थित थे। सभी ने इस अवसर को सामाजिक और राजनीतिक समरसता को बढ़ावा देने का माध्यम माना। इस आयोजन ने न केवल धार्मिकता को बल्कि सामाजिक एकता को भी दर्शाया।
यह कार्यक्रम न सिर्फ धर्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण था, बल्कि यह राजनीतिक संवाद को भी सरल और स्पष्ट रूप से दर्शाता है। इस आयोजन का उद्देश्य मानवता और समाज की भलाई के लिए मिलकर काम करना है। इसके साथ ही, यह भी दर्शाता है कि कैसे राजनीतिक नेता धार्मिक जड़ों से जुड़कर अपने समाज के लिए सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।
जैसा कि स्वामी जी ने बताया, धर्म और राजनीति का संबंध जटिल है, लेकिन सही दिशा में चलकर हम एक सकारात्मक समाज का निर्माण कर सकते हैं। इस संबंध को हमें हमेशा एक गहरे और संगठित तरीके से देखना चाहिए।
फिर से, हम सभी नेताओं और समाज के सदस्यों से अनुरोध करते हैं कि वे धर्म के महान मूल्यों के साथ-साथ राजनीति की सही समझ को विकसित करें और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में अपने योगदान दें।
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सादर, टीम अमrita बाजार पत्रिका, कुमारी राधिका शर्मा
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