चमोली में मूसलधार बारिश से नंदानगर में भूधंसाव, जनजीवन पर संकट

Aug 31, 2025 - 21:44
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चमोली में मूसलधार बारिश से नंदानगर में भूधंसाव, जनजीवन पर संकट
चमोली में मूसलधार बारिश से नंदानगर में भूधंसाव, जनजीवन पर संकट

चमोली में मूसलधार बारिश से नंदानगर में भूधंसाव, जनजीवन पर संकट

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कम शब्दों में कहें तो चमोली जिले में भारी बारिश से नंदानगर में भूधंसाव और तबाही से स्थानीय लोगों को संकट का सामना करना पड़ा है।

चमोली। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर जनजीवन को ठप कर दिया है। चमोली जिले में ज्योतिर्मठ से नंदानगर तक बारिश की आँधी ने तबाही मचाई है। जहां ज्योतिर्मठ में बिजली आपूर्ति ठप हो गई, वहीं मलारी राष्ट्रीय राजमार्ग पर तमक नाले का पुल बह जाने से नीति घाटी का संपर्क देश-दुनिया से कट गया है।

भूधंसाव से मुसीबत

नंदानगर में भूधंसाव ने बैंड बाजार और अन्य करीब 34 परिवारों को विस्थापन के लिए मजबूर कर दिया है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों से निवासियों को सुरक्षित स्थलों पर शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

  • ज्योतिर्मठ में बिजली सप्लाई ठप है।
  • तमक नाले में पुल बहने का असर नीति घाटी पर पड़ा है।
  • बैंड बाजार में 25 दुकानें खतरे में हैं।
  • 34 परिवारों को बारात घरों में राहत शिविर के तहत शिफ्ट किया गया है।

राहत शिविरों की जानकारी

  • 7 परिवार बांजबगड़ रोड स्थित बारात घर में शिफ्ट हो गए हैं।
  • 34 लोग भेंटी रोड स्थित बारात घर में बने शिविर में सुरक्षित हैं।
  • कुछ परिवार आज अपनी गांव लौट रहे हैं जबकि कुछ ने किराए पर जगह ली है।

बिजली गुल और सड़कों का संपर्क टूटना

लगातार बारिश के कारण कर्णप्रयाग-चमोली मार्ग पर विद्युत लाइन टूट जाने से ज्योतिर्मठ का सम्पूर्ण क्षेत्र अंधेरे में डूब गया है। इसके अलावा 33 केवी बिरही गंगा हाइड्रो लाइन भी बाधित हो गई है, जिससे विद्युत सेवा प्रभावित हुई है। प्रशासन ने सड़कों को फिर से खोलने के लिए मशीनों का उपयोग करना शुरू कर दिया है।

नीति घाटी का संपर्क कट गया

तमक नाले के पुल के बह जाने से नीति-मलारी घाटी के कई गांव अब पूरी तरह से अलग-थलग हो गए हैं। यहाँ तक कि गर्मियों के दौरान बकरी चरा रहे चरवाहे भी अपनी रोज़मर्रा की वस्तुएं नहीं ला पा रहे हैं, जिससे ग्रामीणों को संकट का सामना करना पड़ रहा है।

नंदानगर में भूधंसाव की दहशत

बैंड बाजार में भूधंसाव की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिसके कारण क्षेत्र के लोगों में डर का माहौल बना हुआ है। चार कमरों का एक मकान और चार गोशालाएं ध्वस्त हो चुकी हैं, जिससे 34 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है।

व्यापारियों की चिंताएं

नंदानगर व्यापार संघ के अध्यक्ष नंदन सिंह का कहना है कि बाजार में लगभग 25 दुकानें खतरे में हैं। व्यवसायियों ने दुकानें खोलने से डर का इजहार किया है। यदि बारिश लगातार जारी रहती है, तो बाजार का एक बड़ा हिस्सा मलबे में समा सकता है।

संभावित राहत और प्रशासनिक प्रयास

जिलाधिकारी ने राहत कार्यों की निगरानी के लिए एक टीम का गठन किया है, जिससे प्रभावित लोगों तक खाद्य सामग्री और अन्य जरूरी सामान पहुंचाया जा सके। प्रशासन ने सुरक्षित स्थानों पर राहत शिविर स्थापित किए हैं, जहां प्रभावित परिवारों को भोजन और रहने की व्यवस्था की जा रही है।

जलवायु परिवर्तन का असर

इस बारिश के कारण कई सवाल उठते हैं, जो जलवायु परिवर्तन और उसके असर पर केंद्रित हैं। क्या यह प्रतिकूल मौसम का असर है? यह सोचने की आवश्यकता है कि बाहर से आ रहे बदलावों का स्थानीय जीवन पर क्या प्रभाव पड़ता है।

अंततः, यह गंभीर स्थिति फिलहाल चमोली जिले के निवासियों के लिए एक बड़ी चुनौती है। प्रशासन ने राहत कार्यों को तेज किया है और उम्मीद है कि जल्द ही स्थिति सामान्य होगी। सभी को सुरक्षित रहना चाहिए और सरकार की सलाहों का पालन करना चाहिए।

फिलहाल के लिए, चमोली प्रशासन स्थिति को नियंत्रित करने की पूरी कोशिश कर रहा है।

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सादर,
टीम अमृता बाजार पत्रिका
नंदिनी देवी

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