चाणक्य लॉ कॉलेज ने जस्टिस केशव चंद्र धूलिया ट्रॉफी पर किया कब्जा

Nov 13, 2025 - 21:44
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चाणक्य लॉ कॉलेज ने जस्टिस केशव चंद्र धूलिया ट्रॉफी पर किया कब्जा
चाणक्य लॉ कॉलेज ने जस्टिस केशव चंद्र धूलिया ट्रॉफी पर किया कब्जा

चाणक्य लॉ कॉलेज ने जस्टिस केशव चंद्र धूलिया ट्रॉफी पर किया कब्जा

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कम शब्दों में कहें तो, ऊधम सिंह नगर का चाणक्य लॉ कॉलेज लगातार दूसरे साल जस्टिस केशव चंद्र धूलिया ट्रॉफी जीतने में सफल रहा। यह प्रतियोगिता दून लाइब्रेरी एंड रिसर्च सेंटर में आयोजित की गई थी।

देहरादून: हाल ही में, देहरादून में आयोजित एक वाद-विवाद प्रतियोगिता में, चाणक्य लॉ कॉलेज ने शोभनीय प्रदर्शन करते हुए जस्टिस केशव चंद्र धूलिया ट्रॉफी पर कब्जा कर लिया। इस प्रतियोगिता का आयोजन कर्मभूमि फाउंडेशन द्वारा किया गया था, जिसका विषय 'मजबूत राज्य एक मजबूत राष्ट्र बनाते हैं' था।

प्रतियोगिता का आयोजन

यह प्रतियोगिता दून लाइब्रेरी एंड रिसर्च सेंटर में आयोजि की गई, जिसमें कुल आठ लॉ कॉलेजों ने भाग लिया। उत्तराखंड के पूर्व मुख्य सचिव इंदु पांडे ने प्रतियोगिता की अध्यक्षता की। चाणक्य लॉ कॉलेज के छात्र अर्जुन प्रताप सिंह और कुमाऊं विश्वविद्यालय, नैनीताल के नंदू जोशी ने प्रस्ताव के विपक्ष में बात करते हुए संयुक्त सर्वश्रेष्ठ वक्ता का खिताब जीता।

सर्वश्रेष्ठ वक्ता और अन्य प्रतियोगी

इस प्रतियोगिता में देहरादून के यूपीईएस की समृद्धि मिश्रा ने प्रस्ताव के पक्ष में बात करते हुए दूसरी सर्वश्रेष्ठ वक्ता का खिताब जीता। यह साबित करता है कि इस वाद-विवाद प्रतियोगिता में सभी प्रतिभागियों ने अपने-अपने विचारों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम का संचालन

इस आयोजन का संचालन कैप्टन (भारतीय नौसेना) हिमांशु धूलिया ने किया। निर्णायक मंडल में नैनीताल के ग्रुप कैप्टन अच्युत कुमार, वरिष्ठ अधिवक्ता बीपी नौटियाल और कानूनी अध्ययन की व्याख्येता अनुराधा सिंह शामिल थे। विंग कमांडर अनुपमा जोशी ने कार्यक्रम के अंत में सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया।

निष्कर्ष

इस प्रतियोगिता ने प्रतिभागियों के विचारों की विविधता और उनके प्रदर्शन के स्तर को दर्शाया। चाणक्य लॉ कॉलेज का दो साल में दूसरी बार ट्रॉफी जीतना इस बात का प्रमाण है कि यह कॉलेज अपने छात्रों को न केवल कानूनी ज्ञान बल्कि मूल्यवान सार्वजनिक बोलने की क्षमताएँ भी प्रदान करता है।

युवाओं का इस तरह के मंचों पर सक्रिय हिस्सा लेना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि यह उन्हें एक सशक्त नागरिक के रूप में विकसित करता है। इस प्रकार की प्रतिस्पर्धाएँ निश्चित रूप से एक मजबूत राष्ट्र की दिशा में एक कदम हैं।

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— टीम अमृता बाजार पत्रिका, साक्षी गुप्ता

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