टिहरी में दशहरा: बुराई पर अच्छाई की विजय का जश्न

Oct 3, 2025 - 00:44
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टिहरी में दशहरा: बुराई पर अच्छाई की विजय का जश्न
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कम शब्दों में कहें तो, टिहरी गढ़वाल में 02 अक्टूबर 2025 को दशहरा उत्सव का आयोजन भावनात्मक उत्साह के साथ हुआ।

भावनात्मक उत्साह के साथ मनाया गया दशहरा

टिहरी सांस्कृतिक कार्यक्रम समिति ने इस वर्ष दशहरा उत्सव को भावनात्मक उत्साह के साथ मनाया, जिसके अंतर्गत अनेक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। डायजर से निकली रामायण-थीम वाली झांकी ने बोराडी स्टेडियम में एक अद्भुत वातावरण का निर्माण किया।

बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक

इस उत्सव का मुख्य आकर्षण रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के विशाल पुतलों का दहन था। यह दृश्य निश्चित रूप से उपस्थित दर्शकों के लिए अनुभवदायक था, क्योंकि यह बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक बन गया। रावण का दहन इस बात का प्रतीक है कि शक्ति का दुरुपयोग कभी भी सुखद परिणाम नहीं लाता और अंततः वह नाश का कारण बनता है।

श्रीराम: प्रेरणा का स्रोत

इस अवसर पर, आयोजक समिति के अध्यक्ष राकेश तोपवाल ने श्रद्धांजलि अर्पित की और बताया कि कैसे श्रीराम का मर्यादित जीवन—आदर्श पुत्र, पति और राजा—हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। श्रीराम का संदेश हमें सिखाता है कि धर्म का मार्ग सदा विजयी होता है।

समिति का योगदान और उपस्थिति

इस आयोजन को यादगार बनाने के लिए समिति के अन्य सदस्य जैसे उपाध्यक्ष विनीत उनियाल, सचिव सुरम तोपवाल, सह-सचिव युवराज शाह, कोषाध्यक्ष राहुल जखमोला, और सदस्य आकाश नौडियाल, इन्द्र उनियाल, तथा ज्येष्ठ प्रमुख कीर्ति सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। नगर पालिका अध्यक्ष टिहरी मोहन सिंह रावत, मस्ता नेगी, नीलकंठ डिमरी, मानवेन्द्र रावत, विजय कठेत, और अनुसूया नौटियाल के अलावा सैकड़ों लोग इस समारोह में शामिल हुए।

निष्कर्ष

इस तरह से, टिहरी में दशहरा का उत्सव न केवल एक धार्मिक त्यौहार था, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक और सामाजिक एकता का प्रतीक बन गया। हर वर्ष की तरह इस बार भी यह आयोजन लोगों के दिलों में अनोखी छाप छोड़ गया। इस अद्भुत अनुभव के साथ मिलकर, हम सभी ने बुराई के अंत और अच्छाई की विजय के इस जश्न को सेलिब्रेट किया।

याद रखें, धर्म का मार्ग सदा विजयी होता है, और हमें इसी सबक को पूरे जीवन में अपनाना चाहिए।
इसके अलावा, अधिक जानकारी के लिए हमारे पोर्टल Amrita Bazaar Patrika पर जाएं।

सादर,
टीम अमृता बाजार पत्रिका
- प्रियंका ढौंडियाल

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