डांडी बड़कोट में दिव्य कलश यात्रा के साथ भागवत कथा की शुरुआत: राष्ट्रीय संत रसिक महाराज करेंगे प्रवचन

Nov 10, 2025 - 14:44
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डांडी बड़कोट में दिव्य कलश यात्रा के साथ भागवत कथा की शुरुआत: राष्ट्रीय संत रसिक महाराज करेंगे प्रवचन
डांडी बड़कोट में दिव्य कलश यात्रा के साथ भागवत कथा की शुरुआत: राष्ट्रीय संत रसिक महाराज करेंगे प्रवचन

डांडी बड़कोट में दिव्य कलश यात्रा के साथ भागवत कथा की शुरुआत

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रानीपोखरी ऋषिकेश से बड़ी खबर आ रही है। ग्राम डांडी बड़कोट स्थित भगवती सदन में दिव्य कलश यात्रा के साथ नौ दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन शुरू हो गया है। इस पवित्र अवसर पर व्यासपीठ पर विराजमान नृसिंह पीठाधीश्वर स्वामी रसिक महाराज ने प्रवचन करते हुए कहा कि भागवत का फल स्वयं भगवान है। उन्होंने बताया कि मानव जीवन ईश्वरीय अनुग्रह का परिणाम है और यह धर्म की सिद्धि, अस्तित्व के जागरण, और सत्य की प्राप्ति के लिए हमें दिया गया है।

धर्म और मानव जीवन का महत्व

स्वामी रसिक महाराज ने अपने प्रवचन में बताया कि असली सुख भौतिक सुखों या क्षणिक आनंदों में नहीं, बल्कि सत्य, विवेक, त्याग, सेवा, सत्संग, और शुभ संकल्पों में निहित है। सत्य केवल शब्द नहीं है, बल्कि यह आत्मा की अभिव्यक्ति है। उन्होंने कहा कि सत्य बोलना मात्र नैतिकता का पालन नहीं है, यह जीवन जीने की आध्यात्मिक विधि है।

सत्य का महत्व

व्यासपीठ पर आगे कहा गया कि सत्य के माध्यम से मन को शांति, संबंधों में मजबूती और आत्मा को भगवान के समीप लाने की शक्ति होती है। जब हम सत्य बोलते हैं, तो हमारे विचार, वाणी और कर्म में एकरूपता आती है। यही समरसता आत्मिक बल और स्थायी शांति का स्रोत बनती है।

भक्तों की उपस्थिति

इस पवित्र कथा के शुभारंभ पर कथा आयोजन समिति के प्रवक्ता प्रभात पंवार, साध्वी माँ देवेश्वरी, शकुन्तला मनवाल, सुमति सिलस्वाल, आचार्य दामोदर नौडियाल, महावीर पंत, तथा बड़ी संख्या में भक्तजन उपस्थित थे। इस अवसर पर हर जगह भक्ति का माहौल था और सभी भक्तगण कथा का श्रवण करने के लिए एकत्रित हुए थे।

समापन में सत्य और मन की साधना

स्वामी महाराज ने यह भी बताया कि मन को साधना कठिन है, परंतु असंभव नहीं है। मन ही हमारी सभी अवस्थाओं का कारण है, और यह हमारे पतन और उन्नति दोनों का कारण बन सकता है। उन्होंने उपस्थित भक्तों से आग्रह किया कि वे अपने जीवन में सत्य और धर्म को स्थापित करें ताकि वे भगवान का आशीर्वाद प्राप्त कर सकें।

कम शब्दों में कहें तो, डांडी बड़कोट में आयोजित यह भागवत कथा न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह सत्य और मन की साधना को प्रेरित करने वाली भी है।

इस प्रकार, डांडी बड़कोट में यह कथा नई ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार कर रही है। सभी भक्तों को इसमें भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है।

अधिक जानकारी के लिए, कृपया यहां क्लिक करें.

सादर,
टीम अमृता बाजार पत्रिका
प्रिया शर्मा

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