डीएम स्वाति भदौरिया ने गंगाऊं शिविर में ग्रामीणों के समस्याओं का त्वरित समाधान किया
डीएम स्वाति भदौरिया ने गंगाऊं शिविर में ग्रामीणों के समस्याओं का त्वरित समाधान किया
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कम शब्दों में कहें तो, डीएम स्वाति भदौरिया ने गंगाऊं शिविर में 205 लाभार्थियों को सीधे लाभ पहुँचाया और 610 ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान करने के निर्देश दिए।
पौड़ी, 14 जनवरी 2026: दूरदराज क्षेत्रों में भ्रमण कर रही जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने विकासखंड थलीसैंण के राजकीय इंटर कॉलेज गंगाऊं पहुँचीं। वहाँ उन्होंने "जन–जन की सरकार, जन–जन के द्वार" अभियान के तहत न्याय पंचायत पित्रसैंण बहुउद्देश्यीय शिविर का आयोजन किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद किया और उनकी समस्याएँ सुनीं। कई मामलों में मौके पर ही निर्णय लेते हुए अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश प्रदान किए।
205 लाभार्थियों को मिला सीधा लाभ
शिविर में उपस्थित ग्रामीणों ने जिलाधिकारी का फूल-मालाओं से भव्य स्वागत किया। डीएम ने विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण भी किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकारी योजनाओं की जानकारी केवल कागज़ों तक सीमित न रहे, इसे वास्तविक लाभार्थियों तक पहुँचाना आवश्यक है।
बालिका जन्मोत्सव कार्यक्रम के अंतर्गत, जिलाधिकारी ने छोटे बच्चों के साथ मिलकर केक काटा और उन्हें स्नेहपूर्वक खिलाया। इस अवसर पर कविता देवी को मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट भी प्रदान की गई। साथ ही, उन्होंने एक बच्चे का अन्नप्राशन भी कराया, जिससे प्रशासन की सामाजिक संवेदनशीलता का संदेश मिला।
समस्याओं का समाधान आवश्यक
शिविर की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि समस्याओं का समाधान फाइलों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि यह धरातल पर दिखना चाहिए। उन्होंने जसपुर–चौखाल, धांधणखेत–ग्वारी और हस्यूड़ी–धांधणखेत मोटर मार्गों के आपदा से क्षतिग्रस्त होने की शिकायतों पर 31 जनवरी से कार्य प्रारंभ करने की समयसीमा तय करने के निर्देश दिए। रौतापानी क्षेत्र की पंपिंग समस्या पर जल निगम को शीघ्र समाधान के लिए निर्देशित किया गया। सभी पेयजल योजनाओं में पानी की आपूर्ति का समय निर्धारित करने पर भी जोर दिया गया।
जिलाधिकारी ने राजकीय इंटर कॉलेज गंगाऊं का नामकरण शहीद स्व. राजे सिंह बंगारी के नाम पर करने के प्रस्ताव को पुनः शासन को भेजने के निर्देश दिए। धांधणखेत–द्वारी मार्ग पर टूटे पुश्तों के निर्माण हेतु पीएमजीएसवाई के माध्यम से शीघ्र कार्य प्रारंभ कराने की प्रक्रिया भी तय की गई।
स्थानीय मुद्दों पर ध्यान केंद्रित
डीएम ने नेटवर्क समस्या से प्रभावित क्षेत्रों की पहचान कर रिपोर्ट तैयार करने, भीड़ा बाजार से पित्रसैंण झूला पुल तक पैदल मार्ग की मरम्मत, नगर पंचायत थलीसैंण में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्लांट के लिए भूमि चिन्हित करने और कृषि घेरबाड़ से जुड़ी शिकायतों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए।
इसके अतिरिक्त, गंगाऊं मिनी स्टेडियम तक संपर्क मार्ग, पेयजल स्रोतों की सफाई, चौरीखाल बाईपास मार्ग और आर्य समाज भवन की मरम्मत, पनाऊ पेयजल योजना तथा जखोला आंगनबाड़ी भवन के भुगतान जैसे मामलों पर स्पष्ट समयसीमा तय करके कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
डीएम ने 20 जनवरी को थलीसैंण में एक विशेष शिविर भी आयोजित करने का निर्णय लिया, जिसमें बीर चंद्र सिंह गढ़वाली एवं दीनदयाल उपाध्याय होमस्टे योजनाओं में आवेदन करने, पेट्रोल पंप प्रस्ताव भेजने, निर्माण मलबा डंपिंग ज़ोन चिन्हित करने और बकरी पालकों को त्वरित लाभ दिलाने का लक्ष्य रखा गया। साथ ही, थलीसैंण स्वास्थ्य केंद्र में रेडियोलॉजी एवं विशेषज्ञ सेवाओं की साप्ताहिक व्यवस्था तय करने के लिए सीएमओ को निर्देश दिए गए।
शिविर में बाल विकास, समाज कल्याण, स्वास्थ्य, कृषि, उद्यान, एनआरएलएम और रीप सहित कुल 23 विभागों के स्टॉल लगाए गए, जहाँ 205 लोगों को मौके पर ही विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया। शिविर में कुल 610 ग्रामीण उपस्थित रहे।
इस अवसर पर ज्येष्ठ प्रमुख मनवर सिंह, कनिष्ठ प्रमुख राज शेखर रावत, डीएफओ गढ़वाल महातिम यादव, पीडी डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय, उपजिलाधिकारी कृष्णा त्रिपाठी, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. शिव मोहन शुक्ला, एवं अन्य कई अधिकारी एवं स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे।
गंगाऊं शिविर में मिली ताजगी और सक्रियता से साफ है कि प्रशासन ग्रामीण समस्याओं के प्रति कितना संवेदनशील है। इस प्रकार के शिविर आगे भी चलने चाहिए ताकि हर परिवार को सरकारी योजनाओं का सही लाभ मिल सके।
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टीम अमृता बाजार पत्रिका - साक्षी तिवारी
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