दून मास्टर प्लान: प्राकृतिक विरासत की सुरक्षा के लिए नई पहल

Apr 4, 2026 - 21:44
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दून मास्टर प्लान: प्राकृतिक विरासत की सुरक्षा के लिए नई पहल
दून मास्टर प्लान: प्राकृतिक विरासत की सुरक्षा के लिए नई पहल

दून मास्टर प्लान: प्राकृतिक विरासत की सुरक्षा के लिए नई पहल

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कम शब्दों में कहें तो, देहरादून में मास्टर प्लान 2041 को अंतिम रूप देने में तेजी आई है, जिसमें नदियों, जंगलों और हरियाली को संरक्षित करने पर बल दिया जा रहा है।

देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने सुनियोजित, संतुलित और दीर्घकालिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मास्टर प्लान 2041 को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया तेज कर दी है। यह योजना मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप नागरिकों की भागीदारी पर आधारित और पर्यावरण के अनुकूल तैयार की जा रही है।

हाल ही में, सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक के दौरान मास्टर प्लान के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया। इस बैठक में अन्य अधिकारियों के बीच बंशीधर तिवारी, मोहन सिंह बर्निया और शशि मोहन श्रीवास्तव जैसी प्रमुख हस्तियाँ उपस्थित थीं।

जनभागीदारी बनेगी नींव

बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि मास्टर प्लान को पूरी तरह जनकेंद्रित बनाया जाएगा। स्थानीय लोगों की आपत्तियों और सुझावों को जानने के लिए नगर निगम के प्रत्येक वार्ड में विशेष कैंप लगाए जाएंगे। यह स्थानीय नागरिकों को विकास प्रक्रिया में शामिल होने का एक सुनहरा मौका देगा, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी।

अधिकारियों का मानना है कि स्थानीय स्तर पर प्राप्त सुझावों के माध्यम से मास्टर प्लान अधिक व्यावहारिक और प्रभावी बनेगा। मोदी 2041 के तहत, शहर को एक आधुनिक, निवेश अनुकूल और तकनीकी रूप से सशक्त बनाया जाएगा, जिसमें नई आवासीय योजनाओं, तलपट मानचित्रों और हरित क्षेत्रों को बढ़ाने पर ध्यान दिया जाएगा।

यातायात और आधारभूत ढांचे पर जोर

तेजी से बढ़ती जनसंख्या और यातायात के दबाव के मद्देनजर, मास्टर प्लान में सार्वजनिक परिवहन, सड़क नेटवर्क और पार्किंग सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया गया है। शहर के विभिन्न हिस्सों में ट्रैफिक जाम की समस्या को हल करने के लिए नए कॉरिडोर, बाईपास और स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन प्रणाली को प्रस्तावित किया गया है।

पर्यावरण संरक्षण का विशेष ध्यान

देहरादून की पहचान उसके प्राकृतिक सौंदर्य और हरित क्षेत्र से है। इसी को ध्यान में रखते हुए, मास्टर प्लान में पर्यावरण संरक्षण को एक महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। नदी तटों के संरक्षण, बड़े स्तर पर वृक्षारोपण और हरित क्षेत्र विकसित करने की योजना बनाई गई है। सचिव आवास ने यह भी कहा कि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

आपत्तियों के निस्तारण के लिए नई समिति

मास्टर प्लान से जुड़ी आपत्तियों और सुझावों के निस्तारण के लिए एक नई समिति का गठन किया गया है। यह तीन सदस्यीय समिति उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव के साथ मिलकर सभी आपत्तियों का समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से निस्तारण सुनिश्चित करेगी।

मसूरी के लिए मॉडल हिल स्टेशन का विकास

बैठक में मसूरी क्षेत्र के मास्टर प्लान पर भी चर्चा की गई। सचिव आवास ने आदेश दिया कि मसूरी को एक मॉडल हिल स्टेशन के रूप में विकसित किया जाए, जहां पर्यटन विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन कायम रखा जा सके। यह क्षेत्र पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा, साथ ही स्थानीय जनजीवन को भी सुविधाएं प्रदान करेगा।

सभी विभागों का समन्वय आवश्यक

मास्टर प्लान के सफल कार्यान्वयन के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया गया है। शहरी विकास, परिवहन, पर्यावरण और पर्यटन विभाग मिलकर इस योजना को लागू करेंगे, ताकि विकास कार्यों में किसी प्रकार की बाधा ना आए।

एक व्यवहारिक और जनोन्मुखी योजना

डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मास्टर प्लान 2041 केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि देहरादून के भविष्य की रूपरेखा है। उन्होंने नागरिकों को अपनी राय रखने का अवसर प्रदान करने के लिए वार्ड स्तर पर आयोजित किए जाने वाले कैंपों का उल्लेख किया, जिससे यह योजना अधिक व्यवहारिक और जनोन्मुखी बनेगी।

उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि मास्टर प्लान 2041 निवेश के नए अवसर खोलेगा और शहर को आर्थिक दृष्टि से मजबूत बनाएगा। इसी तरह, सचिव मोहन सिंह बर्निया ने भी पारदर्शिता और जनहितकारी योजनाओं को लक्ष्य बनाते हुए संतुलित विकास पर जोर दिया।

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— टीम अमृत बाजार पत्रिका, नेहा शर्मा

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