धर्मांतरण एवं लव जिहाद की रोकथाम हेतु नया राष्ट्रीय कानून आवश्यक — स्वामी रसिक महाराज

Dec 12, 2025 - 14:44
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धर्मांतरण एवं लव जिहाद की रोकथाम हेतु नया राष्ट्रीय कानून आवश्यक — स्वामी रसिक महाराज
धर्मांतरण एवं लव जिहाद की रोकथाम हेतु नया राष्ट्रीय कानून आवश्यक — स्वामी रसिक महाराज

धर्मांतरण एवं लव जिहाद की रोकथाम हेतु नया राष्ट्रीय कानून आवश्यक — स्वामी रसिक महाराज

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कम शब्दों में कहें तो, स्वामी रसिक महाराज ने धर्मांतरण और लव जिहाद के खिलाफ राष्ट्रीय कानून बनाने की मांग की है।

देहरादून/डोईवाला: रानीपोखरी न्याय पंचायत क्षेत्र के बड़कोट गांव में स्थित सनसाईन होटल में आयोजित एक सम्मान समारोह में, सनातन धर्म विकास परिषद उत्तर प्रदेश के नवनियुक्त अध्यक्ष, स्वामी रसिक महाराज ने धर्मांतरण और लव जिहाद के खिलाफ एक राष्ट्रीय कानून की आवश्यकता की बात कही। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह स्पष्ट किया कि यदि हमें इस समस्या का स्थायी समाधान करना है तो एक सशक्त और प्रभावी कानून बनाना अति आवश्यक है।

धर्मांतरण और लव जिहाद की गंभीरता

स्वामी रसिक महाराज ने कहा कि धर्मांतरण के घटनाक्रमों में लालच, भय और धोखा शामिल होते हैं, जिससे लोगों को अपने धर्म को बदलने के लिए मजबूर किया जाता है। उनका तर्क है कि कुछ राज्यों में इस मुद्दे को संबोधित करने के लिए कानून बने हैं, लेकिन समस्या और साजिशें राष्ट्रीय स्तर पर हैं। इसलिए एक ऐसी सुरक्षा प्रणाली की आवश्यकता है, जो सभी राज्यों में एक समान हो।

लव जिहाद पर असरकारी कानून की अहमियत

उन्होंने उत्तर प्रदेश में लव जिहाद रोकने हेतु बने कानून का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके प्रभावी होने से समाज में सकारात्मक बदलाव आया है। उनका मानना है कि केंद्र सरकार को इस दिशा में सख्त कार्रवाई करनी चाहिए और धर्मांतरण एवं लव जिहाद पर रोक लगाने के लिए एक मजबूत कानून बनाना चाहिए।

समरसता की दिशा में कदम

स्वामी रसिक महाराज ने यह भी कहा कि समरसता युक्त भारत के निर्माण में सनातन धर्म परिषद जनजागरण अभियान चलाएगी। इस संदर्भ में, उन्होंने 14 जनवरी को प्रखंड स्तर पर संतोष दिवस कार्यक्रम के आयोजन की जानकारी दी। उनकी योजना है कि अनुसूचित जातियों के सदस्यों को समाज में समानता और सामाजिक न्याय मिले।

वैचारिक आक्रमण का विरोध

उन्होंने कहा कि वामपंथियों और अन्य ताकतों ने समाज में भेदभाव पैदा करने के लिए वैचारिक आक्रमण किए हैं। इसके खिलाफ स्वामी महासभा, यूनिवर्सिटीज, और बड़े कॉलेजों के सहयोग से जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है। इसका उद्देश्य 2026 में एक राष्ट्रीय सेमिनार के माध्यम से लोगों को जागरूक करना है।

धार्मिक समानता और सामुदायिक एकता

स्वामी रसिक महाराज ने कहा कि परिषद का उद्देश्य है कि सभी मंदिर सभी के लिए खुलें, पानी के स्रोतों का समान वितरण हो, और हिंदू बिरादरी के लिए एक साझा श्मशान भूमि उपलब्ध हो। इस दृष्टिकोण से जनजागरण के माध्यम से समय-समय पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

समारोह में गर्वनिंग सदस्य, समाजसेवी रमाबल्लभ भट्ट, साध्वी मां देवेश्वरी, भाजपा की जिला उपाध्यक्ष श्रीमती पुष्पा ध्यानी, पूर्व जिला पंचायत सदस्य सतीश सेमवाल समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। ग्राम प्रधान बड़कोट, श्रीमती दीक्षा भट्ट ने स्वामी रसिक महाराज को सम्मानित किया।

कुल मिलाकर, स्वामी रसिक महाराज का यह संदेश एक सामूहिक शक्ति और समरसता की भावना को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। उनके द्वारा उठाए गए मुद्दे और समाधानों पर यदि गंभीरता से कार्य किया जाए, तो समाज में महत्वपूर्ण परिवर्तन संभव है।

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Team Amrita Bazaar Patrika

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