पंकज आत्महत्या प्रकरण: यूकेडी ने मृतक की मां के साथ घेरा थाना, कानून व्यवस्था की मांग
पंकज आत्महत्या प्रकरण: यूकेडी ने मृतक की मां के साथ घेरा थाना, कानून व्यवस्था की मांग
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कम शब्दों में कहें तो: पौड़ी के सतपुली थाने में यूकेडी कार्यकर्ताओं ने मृतक पंकज की मां के साथ मिलकर प्रदर्शन किया, जिसमें उन्होंने थानाध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई की मांग की और बिगड़ती कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए।
उपमा चौहान, टीम अमृता بازار पत्रिका
सतपुली, पौड़ी जिले के रैतपुर गांव के 20 वर्षीय युवक पंकज की आत्महत्या के मामले ने एक नया मोड़ लिया है। यूकेडी (उत्तराखंड रक्षा दल) के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को पंकज के परिवार के साथ मिलकर थाना सतपुली का घेराव किया। इस प्रदर्शन में यूकेडी के केंद्रीय उपाध्यक्ष शांति प्रसाद भट्ट और कुलदीप रावत भी शामिल थे।
परिवार और यूकेडी कार्यकर्ताओं का आक्रोश
प्रदर्शन के दौरान, पंकज की मां पुष्पा देवी भी अपने परिजनों के साथ शामिल थीं। प्रदर्शनकारियों ने थाने के प्रांगण में धरना देकर प्रदेश की बिगड़ती कानून व्यवस्था के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। यूकेडी के नेताओं ने अपनी बात रखते हुए आरोप लगाया कि पंकज की मौत का कारण पुलिस द्वारा की गई मारपीट और उत्पीड़न है।
लाइन हाजिर थानाध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई की मांग
इस दौरान यूकेडी के वक्ताओं ने कहा, "राज्य में रक्षक ही भक्षक बन गए हैं। हम मूल निवासियों का उत्पीड़न किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे।" इसके बाद, मृतक पंकज की मां ने आरोपी लाइन हाजिर थानाध्यक्ष के खिलाफ तहरीर देकर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
यूकेडी के जिलाध्यक्ष ने भी एसएसपी से मिलकर मामले की गहराई से जांच और मुकदमा दर्ज करने की मांग की। यूकेडी ने प्रदर्शन के माध्यम से यह संदेश दिया है कि वे इस मामले को किसी भी हाल में उठाते रहेंगे।
राजनीतिक विरोध और प्रतिक्रिया
इस घटना पर राजनीति भी गरमाई हुई है। यूकेडी ने कहा है कि अगर उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। साथ ही, पंकज की आत्महत्या पर कांग्रेस और अन्य राजनीतिक दलों ने भी आक्रामक रुख अपनाया है। यह घटना केवल एक व्यक्ति की आत्महत्या नहीं है, बल्कि यह पुलिस और सरकार के लिए बड़े प्रश्न खड़े करती है कि क्या राज्य में कानून व्यवस्था का पालन हो रहा है?
यूकेडी के कार्यकर्ता इस मामले में एकजुटता दिखा रहे हैं, और उनका मानना है कि यह केवल पंकज के लिए न्याय नहीं है, बल्कि पूरे समाज के लिए एक संदेश है कि वे अन्याय के खिलाफ खड़े होंगे।
निष्कर्ष
पंकज आत्महत्या प्रकरण ने न केवल उसके परिवार को प्रभावित किया है बल्कि यह समाज के हर वर्ग के लिए एक गंभीर चेतावनी भी है। पुलिस और प्रशासन को इस मामले की गंभीरता को समझते हुए जिम्मेदारी से कार्य करना चाहिए। यूकेडी का आंदोलन इस बात का प्रमाण है कि लोग अन्याय के खिलाफ उठ खड़े हुए हैं और वे अपने हक के लिए लड़ते रहेंगे। इस मामले पर आगे की कार्रवाई देखना महत्वपूर्ण होगा।
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इस अवसर पर कई प्रमुख यूकेडी कार्यकर्ता जैसे दिनेश चंद्र मास्टर, जिलाध्यक्ष अर्जुन नेगी, और महिला मोर्चा गढ़वाल प्रभारी सरस्वती देवी भी शामिल थे। यह प्रदर्शन सुनिश्चित करता है कि सुरक्षा और न्याय का अधिकार हर नागरिक का है।
सभी संभावित माध्यमों से न्याय की मांग करते हुए, यह सीधा संदेश है कि हर नागरिक को सुरक्षा और सम्मान का हक है।
टीम अमृता बजार पत्रिका
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