पूर्णिमा पर चंद्रग्रहण: पितरों का श्राद्ध कब होगा? जानें विशेष जानकारी
पूर्णिमा पर चंद्रग्रहण: पितरों का श्राद्ध कब होगा? जानें विशेष जानकारी
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कम शब्दों में कहें तो, इस साल पितृपक्ष की शुरुआत दो ग्रहणों के साथ हो रही है। 7 सितंबर को चंद्रग्रहण है और इसके बाद 8 सितंबर को श्राद्ध कर्म किए जाएंगे।
नृसिंह पीठाधीश्वर स्वामी रसिक महाराज की महत्वपूर्ण जानकारी
देहरादून। इस वर्ष पितृपक्ष का प्रारंभ विशेष संयोग से हो रहा है। इस दौरान एक ही पितृपक्ष में दो ग्रहण देखने को मिलेंगे। पहला 7 सितंबर को भाद्रपद मास की पूर्णिमा पर चंद्रग्रहण होगा, जबकि दूसरा आश्विन मास की अमावस्या पर सूर्यग्रहण लगेगा। इस विशेष संयोग के कारण श्राद्ध कर्म को लेकर लोगों में शंकाएँ उत्पन्न हो गई हैं।
क्या होगा पितरों का पूर्णिमा श्राद्ध?
स्वामी रसिक महाराज ने इस संबंध में जानकारी दी है:
- पूर्णिमा तिथि का श्राद्ध 7 सितंबर (रविवार) को ही किया जाएगा।
- सूतक काल दोपहर 12:57 बजे से प्रारंभ होगा, इसलिए तर्पण सूतक से पहले ही श्राद्ध का आयोजन किया जाना चाहिए।
- ग्रहण काल में किए गए दान-पुण्य का फल कई गुना बढ़ जाता है, इसलिए श्राद्ध और ग्रहण के बाद दान करना विशेष फलदायी रहेगा।
- प्रतिपदा का श्राद्ध 8 सितंबर को किया जाएगा।
चंद्रग्रहण का समय
- आरंभ: रात 9:45 बजे
- मध्य: रात 11:41 बजे
- मोक्ष (समाप्ति): रात 1:27 बजे
ज्योतिषीय असर – देश और समाज पर
- पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन की संभावना बढ़ सकती है।
- कुछ स्थानों पर अकाल जैसी परिस्थितियाँ उत्पन्न हो सकती हैं।
- राजनीतिक अस्थिरता और हलचल की आशंका जताई जा रही है।
कुंभ राशि और पूर्व भाद्रपद नक्षत्र वालों पर प्रभाव
- कुंभ राशि: आर्थिक लाभ और तरक्की के योग बन रहे हैं। नौकरी में पदोन्नति के अवसर मिल सकते हैं।
- पूर्व भाद्रपद नक्षत्र: करियर में तरक्की और विदेश जाने के अवसर मिल रहे हैं।
ग्रहण के दौरान रखें सावधानियां
- भोजन न बनाएं और न ही खाएं।
- भगवान की मूर्तियों को न छुएं।
- सोने से परहेज करें।
- गर्भवती महिलाएँ घर से बाहर न निकलें।
- नुकीले उपकरणों का उपयोग न करें।
ग्रहण में करें ये शुभ कार्य
- भगवान के मंत्रों का जाप करें।
- ध्यान और साधना में समय बिताएं।
- ज़रूरतमंदों की सहायता करें।
- भोजन और जल में तुलसी के पत्ते डालें।
- ग्रहण समाप्ति पर स्नान करके देवदर्शन करें।
पितृपक्ष और ग्रहण के दौरान विशेष सावधानियों और श्राद्ध कर्म की सही विधियों के बारे में जानने के लिए यहां क्लिक करें।
सभी पाठकों से आग्रह है कि इस महत्वपूर्ण समय का सही उपयोग करें और अपने पितरों को श्रद्धांजलि अर्पित करें।
Signed off by, Team Amrita Bazaar Patrika
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