पौड़ी जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी की निदेशालय में सम्बद्धता: जानें पूरी जानकारी

Sep 16, 2025 - 07:44
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पौड़ी जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी की निदेशालय में सम्बद्धता: जानें पूरी जानकारी
पौड़ी जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी की निदेशालय में सम्बद्धता: जानें पूरी जानकारी

पौड़ी जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी की निदेशालय में सम्बद्धता: जानें पूरी जानकारी

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कम शब्दों में कहें तो, पौड़ी जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी डॉ. सुनील कुमार को गंभीर शिकायतों के आधार पर निदेशालय पंचायतीराज में सम्बद्ध किया गया है। इस दौरान, कार्यकारी अधिकारी भावना रावत को उनके दायित्व निभाने की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है।

देहरादून: जिला पंचायत पौड़ी गढ़वाल के अपर मुख्य अधिकारी, डॉ. सुनील कुमार को हाल ही में अधिकारियों द्वारा विभिन्न गंभीर शिकायतों के चलते निदेशालय पंचायतीराज में सम्बद्ध किया गया है। इस आदेश का श्रेय पंचायती राज निदेशक निधि यादव को जाता है, जिन्होंने इस निर्णय को प्रभावी ढंग से लागू किया।

क्या हैं शिकायतें?

डॉ. सुनील कुमार पर यह आरोप है कि उन्होंने शिकायत पत्रों का समय पर निस्तारण नहीं किया और बिना अनुमति के बार-बार कार्यालय से अनुपस्थित रहे। इन शिकायतों की वजह से उन्हें तत्काल प्रभाव से निदेशायल में संबंध किया गया है। उनकी सम्बद्धता अवधि में उनका वेतन पूर्ववत जिला पंचायत पौड़ी गढ़वाल से आहरित किया जाएगा।

भावना रावत को मिली अतिरिक्त जिम्मेदारी

इस बीच, जिला पंचायत पौड़ी की कार्याधिकारी भावना रावत को अपर मुख्य अधिकारी के कर्तव्यों का निर्वहन करने का अतिरिक्त दायित्व सौंपा गया है। हालांकि, इस दायित्व को निभाने के लिए उन्हें कोई अतिरिक्त वेतन या भत्ता नहीं दिया जाएगा। यह निर्णय यह साबित करता है कि स्थानीय प्रशासन गंभीर स्थिति को प्रबंधन करने के लिए संजीदा है।

गड़बड़ी की होगी जांच

डॉ. सुनील कुमार के खिलाफ प्राप्त शिकायत पत्रों पर अलग से जांच का निर्णय लिया जाएगा। इसके अलावा, उल्लेखनीय है कि जुलाई के पहले सप्ताह में पौड़ी जिला पंचायत के 75 लाख रुपये के सफाई घोटाले में संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी, लेकिन इस मामले में अपर मुख्य अधिकारी पर कोई कार्रवाई नहीं की गई थी।

निष्कर्ष

यह स्थिति न केवल पौड़ी जिला पंचायत के प्रशासनिक ढांचे में एक महत्वपूर्ण मोड़ है, बल्कि यह पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में भी एक कदम है। स्थानीय सरकारी अधिकारियों में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए यह निर्णय अत्यंत आवश्यक है।

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टीम अमृता बाजार पत्रिका
साक्षी शर्मा

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