भारत में जियो का डंका: 1,037 अंतरराष्ट्रीय पेटेंट फाइल करने का किया रिकॉर्ड

Dec 19, 2025 - 00:44
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भारत में जियो का डंका: 1,037 अंतरराष्ट्रीय पेटेंट फाइल करने का किया रिकॉर्ड
भारत में जियो का डंका: 1,037 अंतरराष्ट्रीय पेटेंट फाइल करने का किया रिकॉर्ड

भारत में जियो का डंका: 1,037 अंतरराष्ट्रीय पेटेंट फाइल करने का किया रिकॉर्ड

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कम शब्दों में कहें तो, जियो प्लेटफॉर्म्स ने 2024-25 में 1,037 अंतरराष्ट्रीय पेटेंट फाइल किए हैं, जिससे वह भारत का सबसे बड़ा वैश्विक पेटेंट फाइलर बन गया है।

नई दिल्ली, 18 दिसंबर, 2025: भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अधीन Controller General of Patents, Designs & Trade Marks द्वारा जारी की गई 2024-25 की वार्षिक रिपोर्ट में जियो प्लेटफॉर्म्स को स्पष्ट रूप से भारत का सबसे बड़ा वैश्विक पेटेंट फाइलर घोषित किया गया है।

इस रिपोर्ट के अनुसार, जियो प्लेटफॉर्म्स ने एक ही वर्ष में 1,037 अंतरराष्ट्रीय पेटेंट जमा किए हैं। यह संख्या अन्य भारतीय कंपनियों के फाइल किए गए पेटेंट्स के कुल जोड़ से दोगुनी से अधिक है। उदाहरण के लिए, TVS मोटर ने 238, CSIR ने 70, IIT मद्रास ने 44 और ओला इलेक्ट्रिक ने 31 पेटेंट फाइल किए हैं, जो जियो की क्षमताओं की तुलना में काफी पीछे हैं।

यदि हम भारतीय पेटेंट्स की बात करें, तो जियो ने 2024-25 में कुल 1,654 पेटेंट आवेदन किए। 31 मार्च 2025 तक कंपनी के पास 485 स्वीकृत पेटेंट थे, जिनमें सबसे बड़ा हिस्सा 5G, 6G और नेटवर्क टेक्नोलॉजी से संबंधित था। यह दर्शाता है कि जियो अब केवल एक टेलीकॉम ऑपरेटर नहीं, बल्कि भारत की अग्रणी तकनीकी कंपनियों में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी बन चुका है।

सरकारी आंकड़ों के अलावा, उद्योग ने भी जियो को एक प्रमुख वैश्विक IP प्लेयर के रूप में मान्यता दी है। हाल ही में CII इंडस्ट्रियल इनोवेशन अवॉर्ड्स 2025 में, जियो प्लेटफॉर्म्स को भारत की शीर्ष 20 इनोवेटिव कंपनियों में शामिल किया गया, और Large ICT श्रेणी में उसे 'बेस्ट पेटेंट पोर्टफोलियो' का रनर-अप अवॉर्ड भी मिला।

पेटेंट फाइलिंग में जियो की सफलता के पीछे एक महत्वपूर्ण कारण है उसका मजबूत अनुसंधान और विकास (R&D) निवेश। वित्तीय वर्ष 25 में, रिलायंस ने 4,185 करोड़ रुपये से अधिक का खर्च अनुसंधान और विकास पर किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 15 प्रतिशत अधिक था। पिछले तीन वर्षों में कंपनी का वार्षिक R&D निवेश 1,500 करोड़ रुपये से अधिक बढ़ चुका है, जो उसकी नवाचारों में निरंतरता को दर्शाता है।

जियो की इस प्रगति न केवल टेलीकॉम क्षेत्र के लिए, बल्कि समग्र प्रौद्योगिकी क्षेत्र के लिए भी एक आशाजनक संकेत है। इससे न केवल भारत की तकनीकी क्षमता को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि देश के सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा को भी बढ़ाएगा।

इन नए आंकड़ों और उपलब्धियों के साथ, जियो फिर से यह साबित कर देता है कि यह केवल एक टेलीकॉम सेवा प्रदाता नहीं है, बल्कि एक सशक्त, नवोन्मेषी कंपनी है, जो भारत को वैश्विक तकनीकी मंच पर लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

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Team Amrita Bazaar Patrika

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