भिलंगना में स्वास्थ्य सेवाओं का संकट: गर्भवती महिलाओं की मौत पर 31 दिन का धरना जारी
भिलंगना में स्वास्थ्य सेवाओं का संकट: गर्भवती महिलाओं की मौत पर 31 दिन का धरना जारी
कम शब्दों में कहें तो, भिलंगना क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की लगातार गिरावट और तीन गर्भवती महिलाओं की मृत्यु ने ग्रामीणों को सड़कों पर ला दिया है। 31 दिनों से जारी धरने में स्थानीय लोग उचित स्वास्थ्य सेवाओं की मांग कर रहे हैं। Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - Amrita Bazaar Patrika
घनसाली (टिहरी)। भिलंगना ब्लॉक में स्वास्थ्य सेवाओं की अव्यवस्था ने स्थानीय समुदाय में गुस्से की लहर पैदा कर दी है। पिछले दो महीनों में तीन गर्भवती महिलाओं की मौत के बाद से, ग्रामीण लोगों को अपनी मांगों के लिए सड़कों पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा। सोमवार को पीएचसी पिलखी और घनसाली बस अड्डा परिसर में 'डॉक्टर दो, न्याय दो' की मांग के साथ उनका धरना 31वें दिन भी जारी रहा।
ग्रामीणों का आरोप: स्वास्थ्य सेवा में अनदेखी
धरना स्थल पर हुई बैठक के दौरान, ग्रामीणों ने भिलंगना क्षेत्र की अनदेखी के लिए सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें अपनी रोजमर्रा की जिंदगी छोड़कर धरने पर बैठना पड़ रहा है, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों ने उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया।
मुख्य मांगें
ग्रामीणों की प्रमुख मांगों में शामिल हैं:
- सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं का सुधार
- डॉक्टरों के रिक्त पदों पर तैनाती
- रेडियोलॉजिस्ट और एक्सरे तकनीशियन की नियुक्ति
- पिलखी अस्पताल में एंबुलेंस चालकों की भर्ती
मुआवजे और जांच रिपोर्ट की मांग
धरणार्तियों ने मृतक महिलाओं के परिवारों को 20-20 लाख रुपये के मुआवजे देने और मामलों की जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की भी मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों पर जल्दी कार्रवाई नहीं हुई, तो वे 1 दिसंबर को देहरादून की ओर कूच करेंगे।
प्रदर्शन में शामिल लोग
धरने में कई स्थानीय नेता और ग्रामीण शामिल हुए, जिनमें विनोद लाल शाह, संदीप आर्य, अनुज लाल, विनोद चौधरी और मनीष शामिल थे।
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टीम अम Rita Bazaar Patrika
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