भीमताल में सौगंध पौधों की पहचान: सीएम ने सैटेलाइट सेंटरों का किया लोकार्पण
महक क्रांति नीति की लॉन्चिंग: सौगंध पौध का महत्व
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड की महक क्रांति नीति 2026-36 का शुभारंभ भीमताल में हुआ है, जहां मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सगंध पौध केन्द्र के सैटेलाइट सेंटरों का उद्घाटन किया।
भूमिका एवं उद्देश्य
भीमताल स्थित विकासभवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में उत्तराखंड महक क्रांति नीति का उद्देश्य राज्य में सगंध पौधों की खेती को बढ़ावा देना है। यह नीति विशेष रूप से हिमालया के पारिस्थितिकी को संतुलित करने तथा रोजगार के नए अवसर प्रदान करने के लिए तैयार की गई है। सगंध पौधों की फसल से न केवल किसानों को आर्थिक लाभ होगा, बल्कि इससे राज्य की पहचान भी स्थापित होगी।
मुख्यमंत्री का उद्घाटन भाषण
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस कार्यक्रम के दौरान कहा, "उत्तराखंड को अपनी खुशबू से पहचान दिलाने का यह समय है। सगंध पौध राज्य की संस्कृति एवं प्रकृति का अभिन्न हिस्सा है। हम इस नीति के माध्यम से हर ग्राम पंचायत में सगंध पौधों की खेती की ओर ध्यान केंद्रित करेंगे।" उन्होंने ग्रामीणों को इस मुहिम में साझेदार बनने के लिए प्रेरित किया।
महक क्रांति नीति का विवरण
कार्यक्रम में उपस्थित निर्देशक डॉ नृपेंद्र चौहान ने महक क्रांति नीति के महत्व को बताते हुए कहा, "यह नीति सगंध पौधों के सभी पहलुओं को कवर करती है, जिसमें इनके खेती की तकनीक, विपणन, और आस-पास के पारिस्थितिकी तंत्र पर इसके प्रभाव शामिल हैं।" विशेष ध्यान दिया जाएगा कि सगंध पौधों की खेती को कैसे स्थानीय किसानों की आय के मुख्य स्रोत में बदलते हैं।
सैटेलाइट सेंटरों की स्थापना
सगंध पौध केन्द्र सेलाकुई देहरादून से शुरू किए गए यह सैटेलाइट सेंटर किसानों को सही मार्गदर्शन एवं तकनीकी सहायता प्रदान करेंगे। इन केन्द्रों के माध्यम से किसानों को सही जानकारी देने के लिए प्रशिक्षण एवं कार्यशालाओं का भी आयोजन किया जाएगा। यह सेंटर किसानों को सगंध पौधों को उगाने और उनके उचित देखभाल के तकनीकी ज्ञान प्रदान करेगा।
समुदाय एवं रोजगार
इस योजना के अंतर्गत, स्थानीय समुदाय को सगंध पौधों की खेती के माध्यम से रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। इसके जरिए युवाओं को न केवल कृषि में बल्कि औसत आय की संभावना भी बेहतर होगी।
महत्वपूर्ण निष्कर्ष
अंत में, यह देखा गया है कि सौगंध पौध उत्तराखंड की पहचान बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है। यह न केवल आर्थिक दृष्टिकोण से फायदेमंद है, बल्कि पारिस्थितिकी के लिए भी लाभकारी सिद्ध हो सकता है।
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समाप्त। धन्यवाद, टीम अम Rita बाजार पत्रिका
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