भ्रष्टाचार पर विजिलेंस का बड़ा कदम: सितारगंज में 14 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार हुए अधिकारी
भ्रष्टाचार पर विजिलेंस का बड़ा कदम: सितारगंज में 14 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार हुए अधिकारी
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कम शब्दों में कहें तो उत्तराखंड में विजिलेंस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए सितारगंज तहसील से रिश्वत लेते हुए एक संग्रह अमीन और वरिष्ठ सहायक को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में आगे कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
उत्तराखंड सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) की हल्द्वानी टीम ने बुधवार को तेजी से कार्रवाई करते हुए तहसील सितारगंज में तैनात संग्रह अमीन मदन लाल शर्मा और वरिष्ठ सहायक भूपेन्द्र सिंह राणा को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा है। आरोपियों के खिलाफ अग्रिम कानूनी कार्रवाई इस समय चल रही है।
जमीन मुक्त करने और लोन RC के लिए रिश्वत मांगने का आरोप
घटना का विवरण इस प्रकार है कि एक शिकायतकर्ता ने विजिलेंस में यह शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी जमीन पर लगे कुर्की आदेश को समाप्त कराने, जमीन को बंधन मुक्त कराने और अपनी पत्नी के केसीसी लोन से संबंधित रिकवरी सर्टिफिकेट (आरसी) की प्रक्रिया को खत्म करने के लिए आरोपी अधिकारियों ने रिश्वत मांगी थी।
शिकायत के अनुसार, संग्रह अमीन मदन लाल शर्मा ने 10,000 रुपये तथा वरिष्ठ सहायक भूपेन्द्र सिंह राणा ने 6,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी। इस सूचना के बाद पुलिस अधीक्षक, सतर्कता अधिष्ठान (सेक्टर हल्द्वानी) के निर्देश पर इस मामले की जांच के लिए एक ट्रैप टीम का गठन किया गया।
विजिलेंस की योजनाबद्ध कार्रवाई
जांच के परिणामस्वरूप विजिलेंस की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से तहसील सितारगंज स्थित कार्यालय में छापेमारी की। इस छापेमारी के दौरान, संग्रह अमीन मदन लाल शर्मा को 8,000 रुपये और वरिष्ठ सहायक भूपेन्द्र सिंह राणा को 6,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए मौके पर गिरफ्तार कर लिया गया। इस कार्रवाई से यह स्पष्ट होता है कि विजिलेंस भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठा रहा है।
मदन लाल शर्मा (संग्रह अमीन), पुत्र किशोरी लाल शर्मा, निवासी बोरिंगवाली गली, सितारगंज।
भूपेन्द्र सिंह राणा (वरिष्ठ सहायक), पुत्र प्रताप सिंह राणा, निवासी आमखेड़ा पट्टी बलखेड़ा, नानकमत्ता (ऊधमसिंहनगर)।
सतर्कता अधिष्ठान की अपील
इस मामले में निदेशक सतर्कता डॉ. वी. मुरूगेशन ने आम जन से अपील की है कि यदि किसी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा काम के बदले रिश्वत की मांग की जाती है, तो नागरिकों को डरने की आवश्यकता नहीं है। इस अभियोजन में सहयोग देने के लिए वे सतर्कता अधिष्ठान के टोल-फ्री नंबर 1064 या व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर 9456592300 पर तुरंत संपर्क कर सकते हैं। यह पहल भ्रष्टाचार के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने में बहुत मददगार है।
इस प्रकार की कार्रवाइयाँ न केवल भ्रष्टाचार की जड़ों को उखाड़ने का कार्य करती हैं, बल्कि जनता में विश्वास को भी बढ़ाती हैं। हमें उम्मीद है कि विजिलेंस की मजबूत नजरें भविष्य में और भी ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई करेंगी।
विजिलेंस विभाग की इस कार्रवाई ने स्पष्ट कर दिया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लोग एकजुट होकर खड़े हो सकते हैं। ऐसे में हर नागरिक को चाहिए कि यदि किसी भी प्रकार की अनियमितताओं का सामना करें, तो उसे उजागर करें और कानून का सहारा लें।
इस मामले से जनहित में जागरूकता बढ़ रही है और यह महत्वपूर्ण है कि लोग अपने अधिकारों को समझें और भ्रष्टाचारी गतिविधियों के खिलाफ आगे आएं।
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Team Amrita Bazaar Patrika - साक्षी जोशी
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