मुख्यमंत्री धामी ने उपनल के मृतक कार्मिकों के आश्रितों को दिए 50 लाख के चेक

Oct 11, 2025 - 00:44
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मुख्यमंत्री धामी ने उपनल के मृतक कार्मिकों के आश्रितों को दिए 50 लाख के चेक
मुख्यमंत्री धामी ने उपनल के मृतक कार्मिकों के आश्रितों को दिए 50 लाख के चेक

मुख्यमंत्री धामी ने उपनल के मृतक कार्मिकों के आश्रितों को दिए 50 लाख के चेक

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कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उपनल के माध्यम से कार्यरत तीन कर्मचारियों की दुर्घटना में निधन होने के बाद उनके परिवारों को 50-50 लाख रुपये की सहायता राशि के चेक प्रदान किए। ये चेक शुक्रवार को सचिवालय में दिए गए। इस मानवीय सहायता के जरिए सरकार ने मृतक परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है।

दुर्घटना की जानकारी

उपनल (उत्तराखंड पर्सनल एण्ड लॉजिस्टिक्स) के कर्मचारियों के बीच गणराज्य एवं स्थानीय सेवा हेतु संलग्न कर्मियों में से तीन की हाल ही में हुई दुर्घटना ने समाज में एक शोक की लहर दौड़ा दी है। विद्युत वितरण खंड, जसपुर में तैनात श्री बृजेश कुमार सहित अन्य दो कर्मियों ने अपनी सेवा के दौरान अपनी जान गंवाई। घटना ने ना केवल उनके परिवारों को बल्कि उनके सहकर्मियों और समाज को भी गहरे दुख में डाल दिया है।

मुख्यमंत्रा का मानवीय कदम

मुख्यमंत्री धामी ने इस दुखद घटना के बाद पीड़ित परिवारों को सहायता प्रदान करते हुए एक संवेदनशील कदम उठाया है। चेक सौंपते समय उन्होंने कहा, "सरकार हमेशा आपके साथ है। इस अपूरणीय क्षति का कोई मुआवजा नहीं हो सकता, लेकिन हमारी कोशिश रहेगी कि हम आपके दुख में सहभागी बन सकें।" उनके इस पहल ने यह साबित कर दिया है कि सरकार अपने नागरिकों के प्रति कितनी सजग है।

भविष्य के प्रति उम्मीद

इतना ही नहीं, मुख्यमंत्री धामी ने आश्वासन दिया है कि ऐसे मामलों में मदद के लिए नीतियों का निर्माण किया जाएगा ताकि भविष्य में किसी भी कर्मचारी के परिवार को इस प्रकार की दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति का सामना न करना पड़े। इसके साथ ही, उन्होंने इसकी समीक्षा के लिए एक समिति गठित करने का भी ऐलान किया।

समाज का रुख

इस घटना पर समाज का रुख भी सकारात्मक रहा है। कई स्थानीय नेताओं और नागरिकों ने मुख्यमंत्री के इस कदम की सराहना की है। उन्होंने कहा है कि यह एक उदाहरण है कि कैसे सरकारों को अपने कर्मियों और उनके परिवारों के प्रति अधिक जिम्मेदार होना चाहिए।

निष्कर्ष में, यह मदद केवल वित्तीय सहायता नहीं, बल्कि सरकार की मानसिकता को भी दर्शाती है कि वह अपने कर्मियों के प्रति कृतज्ञता महसूस करती है। ऐसे संवेदनशील निर्णय समाज में विश्वास और सुरक्षा का एहसास कराते हैं।

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टीम अमृता बाजार पत्रिका
स्वाति मेहता

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