मुख्यमंत्री धामी ने जन्मदिवस पर प्राकृतिक आपदा के मोर्चे पर उठाए कदम, देहरादून में दौरा
मुख्यमंत्री धामी ने जन्मदिवस पर प्राकृतिक आपदा के मोर्चे पर उठाए कदम, देहरादून में दौरा
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कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपने 50वें जन्मदिवस पर भी प्राकृतिक आपदा से निपटने में जुटे रहे।
मुख्यमंत्री धामी, जिनका जन्म 16 सितंबर को हुआ, ने इस विशेष दिन को सेवा का पर्व मानते हुए, प्राकृतिक आपदा के प्रभावों को लेकर गहरी चिंता जताई। सुबह से ही उन्होंने देहरादून के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। इस मौके पर उन्होंने तहसील दिवस में जुड़े लोगों से वर्चुअल संवाद भी किया, जिससे उन्होंने आपदा प्रभावित क्षेत्रों में तत्परता से काम करने की दिशा में अपने इरादे को प्रदर्शित किया।
आपदा के प्रति राज्य की तैयारी
राज्य में प्राकृतिक आपदाएं, जैसे कि भारी बारिश और भूस्खलन, हमेशा चिंता का विषय रही हैं। राज्य की भौगोलिक स्थिति इसे अधिक संवेदनशील बनाती है। टीम धामी ने पिछले कई हफ्तों में लगातार तैयारियों पर ध्यान केंद्रित किया है। मुख्यमंत्री का मानना है कि अच्छे पूर्व प्रबंधन के माध्यम से इन आपदाओं के प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री का दौरा: दृश्यमान समर्पण
सीएम धामी ने सुबह ही आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। उनकी इस पहल ने न केवल प्रभावित लोगों को आश्वस्त किया, बल्कि परिश्रम से काम करने वाले प्रशासनिक अधिकारियों के प्रति भी उनकी सराहना दिखाई। यह देखकर कि मुख्यमंत्री स्वयं प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति को समझने आए हैं, स्थानीय नागरिकों में हिम्मत बढ़ी।
वर्चुअल संवाद में भागीदारी
तहसील दिवस पर मुख्यमंत्री ने वर्चुअल संवाद किया, जिसमें विभिन्न तहसीलों के लोगों ने हिस्सा लिया। उन्होंने बताया कि सरकार आपदा प्रबंधन के लिए सभी आवश्यक संसाधनों को जुटा रही है और सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है कि वे प्रभावित क्षेत्रों में तेजी से काम करें।
धामी की नेतृत्व क्षमता
मुख्यमंत्री धामी ने अपने इस आयोजन के माध्यम से यह स्पष्ट कर दिया कि स्वतंत्रता के एक बड़े प्रतीक के रूप में वह अपनी जिम्मेदारियों से मुंह नहीं मोड़ेंगे। चाहे उनका जन्मदिन हो या कोई अन्य दिन, उनकी प्राथमिकता हमेशा जनता की सेवा रहेगी। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि सभी विभागों को मिलकर काम करने की आवश्यकता है ताकि इन प्राकृतिक आपदाओं का प्रभाव कम से कम हो सके।
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का 50वां जन्मदिवस एक सामान्य उत्सव नहीं था, बल्कि यह एक संकल्प का दिन था। उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों को प्राथमिकता देते हुए यह संदेश दिया कि आपदा से प्रभावित लोगों के लिए उनके दिल में एक विशेष स्थान है। उनकी नीतियाँ और प्रयास न केवल आज का महत्वपूर्ण दिन बना रहे हैं, बल्कि आगे भी राज्य को सुरक्षित रखने के लिए एक उम्मीद की किरण बने रहेंगे।
इसके अलावा, धामी ने सामाजिक संगठनों और नागरिकों को भी आगाह किया है कि वे इस कठिन समय में मदद के लिए आगे आएं। इससे न केवल राज्य की मदद होगी, बल्कि एकजुटता का भी संदेश जाएगा। इसके साथ ही सभी को केंद्र सरकार की योजनाओं में सहयोग करने की आवश्यकता है। अधिक अपडेट के लिए, यहाँ क्लिक करें।
टीम अमृता बाजार पत्रिका [सीमा शर्मा]
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