मुख्यमंत्री धामी ने वन्य जीव प्राणी सप्ताह का उद्घाटन किया, सहायता राशि 10 लाख रुपये तक बढ़ाई
मुख्यमंत्री धामी ने वन्य जीव प्राणी सप्ताह का उद्घाटन किया
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कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वन्य जीव प्राणी सप्ताह का शुभारंभ करते हुए जनहानि सहायता राशि को 10 लाख रुपये तक बढ़ाने की घोषणा की। यह कार्यक्रम शुक्रवार को देहरादून जू में आयोजित किया गया, जहाँ मुख्यमंत्री ने प्रदेश में वन्य जीवों के हमलों की रोकथाम और उसके असर के विषय में विस्तार से जानकारी दी।
वन्य जीव प्राणी सप्ताह का महत्व
वन्य जीव प्राणी सप्ताह का उद्देश्य न केवल वन्य जीवों के संरक्षण को बढ़ावा देना है, बल्कि इस दौरान लोगों को वन्य जीवों और उनके जीवन चक्र के प्रति जागरूक करना भी है। मुख्यमंत्री धामी ने इस अवसर पर कहा कि उत्तराखंड में वन्य जीवों की जैव विविधता और पारिस्थितिकी तंत्र की संरचना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
जनहानि सहायता राशि में वृद्धि
मुख्यमंत्री ने बताया कि जब भी कोई व्यक्ति वन्य जीवों के हमले का शिकार होता है, तो समाज के लिए यह एक गंभीर मामला होता है। इसलिए, यह आवश्यक है कि हम प्रभावित परिवारों की मदद करें। उन्होंने कहा, "हमने निर्णय लिया है कि अब वन्य जीव हमले में जनहानि पर सहायता राशि को 10 लाख रुपये किया जाएगा। यह निर्णय प्रभावित परिवारों के लिए राहत का काम करेगा।"
प्रतिभागियों की संलग्नता
इस कार्यक्रम में वन्य जीव प्रेमियों और संरक्षण कार्यकर्ताओं की एक बड़ी संख्या ने भाग लिया। विभिन्न लोगों ने इस मुद्दे पर अपने विचार साझा किए और वन संरक्षण में अपनी भूमिकाओं को उजागर किया। मुख्यमंत्री ने सभी को प्रोत्साहित किया कि वे आगे आएं और वन्य जीवों की सुरक्षा में योगदान दें।
राज्य की प्राथमिकताएँ
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार वन्य जीव संरक्षण के प्रति गंभीर है और इसके अनुपालन के लिए सभी प्रकार के कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा और जागरूकता इस दिशा में मुख्य कारक हैं और सरकार ने इसके लिए कई कार्यक्रम तैयार किए हैं।
निष्कर्ष
वन्य जीव प्राणी सप्ताह का उद्घाटन निश्चित रूप से उत्तराखंड के लोगों में जागरूकता फैलाने का एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री द्वारा जनहानि सहायता राशि की घोषणा प्रभावित परिवारों के लिए एक सकारात्मक संकेत है। यह कदम दर्शाता है कि सरकार किस प्रकार वन्य जीवों और मानव जनसंख्या के बीच बेहतर संतुलन स्थापित करने के लिए प्रयत्नशील है।
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संपर्क: टीम अमृता बाजार पत्रिका, सुमन शर्मा
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