मुख्यमंत्री धामी ने ‘हर घर स्वदेशी’ अभियान का आह्वान; आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक कदम आगे
मुख्यमंत्री धामी ने ‘हर घर स्वदेशी’ अभियान का आह्वान; आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक कदम आगे
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कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वदेशी के महत्व को समझते हुए हर घर स्वदेशी अभियान की शुरुआत की है, जो आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में मीडिया से संवाद करते हुए स्वदेशी संकल्प की महत्वपूर्णता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्वदेशी केवल एक नारा नहीं है, बल्कि यह आत्मनिर्भर और विकसित भारत की बुनियाद है। उनका यह विश्वास है कि 2047 तक भारत को आत्मनिर्भर बनाने का सपना इस अभियान के माध्यम से पूरा किया जा सकेगा।
स्वदेशी: एक गहरी परंपरा
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि स्वदेशी का संकल्प हमारे देश के किसानों, कारीगरों और छोटे उद्यमियों के लिए सम्मान और समर्पण का प्रतीक है। सरकार के इस अभियान का उद्देश्य स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देकर भारतीय अर्थव्यवस्था को बल प्रदान करना है। उन्होंने ये भी कहा कि जब हम स्वदेशी का प्रयोग करते हैं, तो न केवल अपने देश की मिट्टी से जुड़े रहते हैं, बल्कि अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करते हैं।
स्वदेशी आंदोलन का ऐतिहासिक महत्व
धामी ने यह भी उल्लेख किया कि ऐतिहासिक दृष्टि से स्वदेशी आंदोलन स्वतंत्रता संग्राम का एक मजबूत स्तंभ था। उन्होंने लोकमान्य तिलक, महर्षि अरविंदो और महात्मा गांधी जैसे नेताओं के योगदान का जिक्र करते हुए कहा कि स्वतंत्रता के बाद भी दत्तोपंत ठेंगड़ी और पं. दीनदयाल उपाध्याय जैसे विचारकों ने स्वदेशी आधिकृत आर्थिक दृष्टिकोण को आगे बढ़ाया।
जीएसटी की दुरुस्ती और व्यापारियों को लाभ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जीएसटी की दरों में संशोधन करने की घोषणा का जिक्र करते हुए, मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने इससे व्यापारियों और आम जन को फायदा पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में 'वोकल फॉर लोकल' और 'मेक इन इंडिया' जैसे अभियानों ने आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण मोड़ लिया है।
समकालीन स्वदेशी उत्पाद
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आज स्वदेशी का अर्थ केवल खादी और दीयों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ब्रह्मोस मिसाइल, तेजस विमान और डिजिटल इंडिया तक पहुंच चुका है। कोविड-19 संकट के दौरान पीपीई किट और वैक्सीन का स्वदेशी निर्माण इस बात का प्रमाण है कि भारत अब तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बन चुका है।
स्थानीय उत्पादों का समर्थन
उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों की बढ़ती मांग के लिए 'हाउस ऑफ हिमालया' नामक ब्रांड की स्थापना की गई है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि योजना के तहत "एक जिला, दो उत्पाद" जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से स्थानीय कौशल और उत्पादों को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे मसालों और औषधीय पौधों की खेती को अपनाकर आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ें।
युवाओं के लिए नई संभावनाएं
मुख्यमंत्री धामी ने युवा पीढ़ी के लिए स्वरोजगार और लघु उद्योग को प्रोत्साहित करने का भी आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि हर परिवार में स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देने की जरूरत है, खासतौर पर नवरात्रि, दशहरा, दीपावली और विवाह जैसे अवसरों पर।
कुल मिलाकर एक सामूहिक प्रयास
उन्होंने सभी से अपील की कि हमें स्वदेशी उत्पादों का अधिक से अधिक उपयोग करना चाहिए ताकि आत्मनिर्भरता की दिशा में ध्यान केंद्रित किया जा सके। धामी ने यह भी कहा कि यह समय है कि हम मिलकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मेक इन इंडिया' और 'मेक फॉर द वर्ल्ड' मंत्र को अपनाएं।
इस अभियान के माध्यम से वह सभी भारतीयों को एकजुट होकर आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते हुए देखने की उम्मीद रखते हैं।
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सादर,
टीम अमृता बाजार पत्रिका
प्रियंका शर्मा
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