राज्यपाल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के व्यक्तित्व और उनके कार्यों पर आधारित पुस्तकों का विमोचन किया

Nov 27, 2025 - 21:44
 132  501.8k
राज्यपाल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के व्यक्तित्व और उनके कार्यों पर आधारित पुस्तकों का विमोचन किया
राज्यपाल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के व्यक्तित्व और उनके कार्यों पर आधारित पुस्तकों का विमोचन किया

राज्यपाल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के व्यक्तित्व और उनके कार्यों पर आधारित पुस्तकों का विमोचन किया

Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - Amrita Bazaar Patrika

कम शब्दों में कहें तो, आज लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने राजभवन में युवा लेखिका संभावना पंत द्वारा संकलित पुस्तकों "पुष्कर धामी: हिमालय की जीवंत ऊष्मा" और "Pushkar Dhami: The Vibrant Heat of the Himalayas" का विमोचन किया। यह पुस्तकों मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर केंद्रित हैं।

इस विशेष अवसर पर कई विशिष्ट अतिथि उपस्थित थे, जिनमें कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम महाराज, परमार्थ निकेतन के स्वामी चिदानंद सरस्वती महाराज और पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी शामिल थे। पुस्तकों का प्रकाशन प्रमुख प्रकाशक प्रभात पब्लिकेशन और रूपा पब्लिकेशन द्वारा किया गया है।

राज्यपाल का भाषण और लेखिका की प्रशंसा

राज्यपाल ने पुस्तकों की लेखिका संभावना पंत की सराहना करते हुए कहा कि "बेटियां भगवान का स्वरूप होती हैं"। उन्होंने उनके लेखन कौशल की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने अपने नाम 'संभावना' के अनुरूप कार्य किया है। राज्यपाल ने बताया कि किताबों में लेखिका ने पहाड़ की चुनौतियों और संघर्षों से जूझते एक युवक की कहानी बयां की है, जो अपने दादाजी श्री खेम सिंह के आदर्शों, माता की नर्मता और शांतिकामी शिक्षा, और एक सैनिक पिता के अनुशासन में पलकर बना है।

मुख्यमंत्री का दृष्टिकोन और योगदान

राज्यपाल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में हुए ऐतिहासिक कार्यों का भी मान रखा। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य आज हर क्षेत्र में अग्रिम पंक्ति में खड़ा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 के विकसित भारत विजन के अनुरूप विकास कार्यों में निरंतर नई ऊँचाइयाँ छू रहा है। मुख्यमंत्री धामी ने प्रभावित लोगों के बीच पहुँचकर उनकी पीड़ा को समझकर और सहायता प्रदान कर दिखाया है कि वे एक सशक्त और संवेदनशील नेता हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने मंच पर अपने बचपन की अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि एक सैनिक की पत्नी के रूप में उनकी माता जी ने पहाड़ की कठिनाइयों का सामना कैसे किया। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वे कुछ बड़ा करेंगे, लेकिन उनके जीवन में समाज के प्रति कुछ अच्छे करने की प्रेरणा अवश्य थी।

विशिष्ट अतिथियों के विचार

स्वामी चिदानंद सरस्वती जी महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि आज देश की एकता और अखंडता को सुदृढ़ करने के लिए जो प्रयास हो रहे हैं, वे मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में जारी हैं।

कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने भी मुख्यमंत्री की कार्यों की प्रशंसा की और बताया कि उन्होंने समाज और राष्ट्र की वास्तविकताओं के अनुरूप फैसले लेने की कुशलता दिखाई है।

लेखिका संभावना पंत का दृष्टिकोण

संभावना पंत ने पुस्तक के सार को उजागर करते हुए कहा कि यह पुस्तक मुख्यमंत्री धामी के व्यक्तिगत गुणों, आचरण, और दृष्टि का प्रतिबिंब है। यह पुस्तक उनके परिवार के संघर्षों और उनके बचपन से लेकर आज तक की यात्रा का वर्णन करती है। उन्होंने उपस्थित सभी अतिथियों और महानुभावों का धन्यवाद किया।

इस विशेष पुस्तक विमोचन कार्यक्रम ने न केवल मुख्यमंत्री धामी के जीवन की प्रेरक कहानी को उजागर किया है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि युवा लेखक हमारी संस्कृति और इतिहास को कैसे आगे बढ़ा रहे हैं।

अधिक जानकारी के लिए हमारा वेबसाइट यहां क्लिक करें.

सादर,
टीम अमृता बाजार पत्रिका, साक्षी शर्मा

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0