राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की प्रभावशाली उपस्थिति में आईएमए की पासिंग आउट परेड सम्पन्न
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की प्रभावशाली उपस्थिति में आईएमए की पासिंग आउट परेड सम्पन्न
कम शब्दों में कहें तो, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारतीय सैन्य अकादमी की 158वीं पासिंग आउट परेड की समीक्षा की, जिसमें महिला कैडेटों के सफल पास आउट की उपलब्धि शामिल है।
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देहरादून। आज, देश की राष्ट्रपति और सशस्त्र सेनाओं की सर्वोच्च कमांडर श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) में आयोजित 158वीं नियमित और 141वीं तकनीकी स्नातक पाठ्यक्रम की पासिंग आउट परेड (पीओपी) में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर राष्ट्रपति ने नवप्रशिक्षित सैन्य अधिकारियों को उनकी नई यात्रा के लिए बधाई दी।
सरकारी अधिकारियों की उपस्थिति
इस अद्वितीय आयोजन में उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, भारतीय सैन्य अकादमी के समादेशक लेफ्टिनेंट जनरल नागेन्द्र सिंह समेत अनेक सैन्य और नागरिक प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। इस अवसर पर बड़ी संख्या में गणमान्य अतिथि भी उपस्थित रहे।
समर्पण के प्रति प्रेरणा
राष्ट्रपति ने युवाओं से कहा कि वे केवल सीमाओं के प्रहरी नहीं होते हैं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों के विश्वास, सम्मान और आकांक्षाओं के भी संरक्षक होते हैं। उन्होंने नव प्रशिक्षित कैडेटों को कर्तव्यनिष्ठा और अनुशासन के मूल्यों के साथ कार्य करने की प्रेरणा दी।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में अहम कदम
इस वर्ष की पासिंग आउट परेड की विशेषता यह रही कि इसमें 9 महिला कैडेट सफलतापूर्वक पास आउट हुईं। यह भारतीय सैन्य अकादमी के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, जो महिला सशक्तिकरण और नेतृत्व का एक नया अध्याय खोलता है।
वैश्विक मित्रता का प्रतीक
परेड में 481 भारतीय कैडेटों के साथ 16 मित्र देशों के 34 विदेशी कैडेट भी पास आउट हुए। राष्ट्रपति ने इसे भारत की वैश्विक मित्रता और रक्षा सहयोग का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह आपसी विश्वास और सहयोग के बढ़ते आयामों को दर्शाता है।
भविष्य की चुनौतियों से निपटने की तैयारी
राष्ट्रपति ने भारतीय सेना को तेजी से बदलते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य में आधुनिक नवाचार के साथ आगे बढ़ने की सलाह दी। उन्होंने युवा अधिकारियों से उच्च नैतिक मूल्यों का पालन करने और सैनिकों के कल्याण में संतुलन स्थापित करने का आह्वान किया।
राष्ट्रपति ने सभी नव नियुक्त सैन्य अधिकारियों को अगली पीढ़ी के योगदान के लिए शुभकामनाएँ दीं, यह विश्वास व्यक्त करते हुए कि वे राष्ट्र की सुरक्षा, सम्मान और अखंडता की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
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टीम अमृता बाज़ार पत्रिका
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