‘विज्ञान वाणी-88.8 एफएम’: विज्ञान संचार का नवीनतम मंच

Jul 31, 2026 - 14:44
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‘विज्ञान वाणी-88.8 एफएम’: विज्ञान संचार का नवीनतम मंच
‘विज्ञान वाणी-88.8 एफएम’: विज्ञान संचार का नवीनतम मंच

‘विज्ञान वाणी-88.8 एफएम’: विज्ञान संचार का नवीनतम मंच

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कम शब्दों में कहें तो, ‘विज्ञान वाणी-88.8 एफएम’ विज्ञान संचार की एक नई दिशा और पहचान बन गई है। यह उत्तराखण्ड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट) की महत्वाकांक्षी ‘विज्ञान सेतु’ पहल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो विज्ञान और नवाचार के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का काम करेगी।

देहरादून से शुरू होकर, ‘विज्ञान वाणी-88.8 एफएम’ एक सामुदायिक विज्ञान रेडियो स्टेशन के रूप में स्थापित किया गया है। यह पहल न केवल विज्ञान को सरल भाषा में लोगों तक पहुंचाने का प्रयास करती है, बल्कि सामाजिक जागरूकता को बढ़ाने और वैज्ञानिक सोच को प्रोत्साहित करने का भी काम करती है।

विज्ञान को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की दिशा में ‘विज्ञान सेतु’ पहल

यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत का कहना है कि, “विज्ञान केवल प्रयोगशालाओं और शोध संस्थानों तक सीमित नहीं रह सकता।” आज विज्ञान का प्रभाव स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, पर्यावरण, और आपदा प्रबंधन जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में देखा जा सकता है। इसलिए समाज में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और तार्किक सोच का विकास आवश्यक है। यह पहल उन्हें शिक्षित करने के साथ-साथ विज्ञान के प्रति जिज्ञासा पैदा करने में मदद करेगी।

भ्रामक जानकारियों का मुकाबला

आज के सूचना युग में, सूचना के बहाव के साथ-साथ भ्रामक जानकारियों की समस्या भी बढ़ रही है। ‘विज्ञान वाणी’ इसे चुनौती देकर विज्ञान संचार को तार्किक और प्रमाणित आधार पर प्रस्तुत करने का प्रयास करती है। विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में, लोगों को कृषि, जलवायु परिवर्तन, और स्वास्थ्य आदि जैसे विषयों पर सही जानकारी प्रदान करना बहुत आवश्यक है।

रेडियो स्टेशन और मोबाइल एप की शुरुआत

‘विज्ञान वाणी-88.8 एफएम’ को भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से 88.8 मेगाहर्ट्ज की आवृत्ति मिली है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री प्रदीप बत्रा की उपस्थिति में 13 जुलाई 2026 को इसका उद्घाटन किया गया था। इस रेडियो स्टेशन का आनंद अब देश और विदेश में कहीं से भी मोबाइल एप के जरिए लिया जा सकता है।

सभी के लिए विज्ञान की पहुंच

विज्ञान वाणी को पर्वतीय और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए बेहद उपयोगी माना जा रहा है। यह साक्षर और निरक्षर दोनों वर्गों तक पहुंच बनाता है, और स्थानीय संदर्भों में वैज्ञानिक जानकारी उपलब्ध कराता है। श्रोताओं के लिए ‘ऐसा क्यों होता है?’, ‘वैज्ञानिक से परिचय’, ‘प्रकृति संवाद’, और ‘प्रेरणादायी महिला वैज्ञानिक’ जैसे कार्यक्रमों के साथ ही विज्ञान समाचार एवं पुस्तकों पर चर्चा जैसे कार्यक्रम नियमित रूप से प्रसारित किए जाएंगे।

विज्ञान सेतु के अन्य प्लैटफार्म्स

‘विज्ञान धारा’ स्टूडियो विशेषज्ञ व्याख्यान, वेबिनार और कौशल विकास कार्यशालाओं का आयोजन करेगा, जबकि ‘विज्ञान दृш्यम्’ पॉडकास्ट स्टूडियो में वैज्ञानिकों और नवप्रवर्तकों के साथ संवाद रिकॉर्ड कर डिजिटल प्लेटफार्म पर उपलब्ध कराया जाएगा। इसमें उत्तराखण्ड की वैज्ञानिक उपलब्धियों, पर्यावरण संरक्षण और नवाचार जैसे विषयों पर जोर दिया जाएगा।

योजना का भविष्य

यूकॉस्ट की यह पहल न केवल विज्ञान को पुस्तकों और प्रयोगशालाओं से ऑनलाइन विस्तार देने में मदद करेगी, बल्कि यह आने वाले समय में उत्तराखण्ड को विज्ञान आधारित ज्ञान समाज की ओर ले जाएगी।

यदि आपको ‘विज्ञान वाणी-88.8 एफएम’ का कार्यक्रम सुनना है तो इसे गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए वॉट्सएप नंबर 8679926955 और ई-मेल [email protected] पर संपर्क करें।

The post ‘विज्ञान वाणी-88.8 एफएम’ बनी विज्ञान संचार की नई पहचान appeared first on Avikal Uttarakhand.

सधन्यवाद, टीम अमृता बाजार पत्रिका - पूजा शर्मा

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