विधवा, बुजुर्गों और गरीबों की समस्याओं पर प्रशासन ने दिखाई सहानुभूति

Sep 22, 2025 - 21:44
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विधवा, बुजुर्गों और गरीबों की समस्याओं पर प्रशासन ने दिखाई सहानुभूति
विधवा, बुजुर्गों और गरीबों की समस्याओं पर प्रशासन ने दिखाई सहानुभूति

विधवा, बुजुर्गों और गरीबों की समस्याओं पर प्रशासन ने दिखाई सहानुभूति

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कम शब्दों में कहें तो: देहरादून में जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में आयोजित जनसुनवाई में विधवाओं, बुजुर्गों और गरीबों की शिकायतों का निवारण किया गया है।

देहरादून। सोमवार को जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में ऋषिपर्णा सभागार में जनता दर्शन एवं जनसुनवाई का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर 144 नागरिकों ने दूरदराज़ क्षेत्रों से आकर अपनी समस्याएं और शिकायतें प्रस्तुत कीं। जिलाधिकारी ने इन शिकायतों का त्वरित समाधान किया और शेष मामलों को संबंधित अधिकारियों के माध्यम से तय समय पर निपटाने के निर्देश दिए।

जनसुनवाई में उठाए गए प्रमुख मुद्दे

इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से अवैध अतिक्रमण, भूमि सीमांकन, आपदाग्रस्त सहायता, पेयजल, शिक्षा, और घरेलू विवाद जैसे मुद्दों को उठाया गया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिया कि सभी विभागीय अधिकारी जन समस्याओं को गंभीरता से लें और निस्तारण सुनिश्चित करें।

जनसुनवाई कार्यक्रम

व्यक्तिगत शिकायतों का निवारण

जनसुनवाई में मेहूवाला की 80 वर्षीय महिला ने बहू की ओर से पिटाई और घर पर कब्जे की शिकायत की, जिसे जिलाधिकारी ने भरण-पोषण अधिनियम के अंतर्गत तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। इसी तरह, विधवा विशाखा ने शिकायत की कि उसके पति के निधन के बाद बैंक ऋण का बीमा क्लेम नहीं दिया जा रहा है। इस पर जिला अधिकारी ने सख्त कार्रवाई के निर्देश देते हुए कहा कि संबंधित कंपनी के खिलाफ जल्द कार्यवाही की जाएगी।

इसके अलावा, डालनवाला निवासी अनुराधा देवी ने भी इसी तरह के बीमा क्लेम में समस्या बताई, जिस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारी से शीघ्र रिपोर्ट पेश करने को कहा।

अन्य शिकायतें और प्रशासन का त्वरित उत्तर

जनसुनवाई में पथरिया पीर की नीतू ने स्वरोजगार ऋण स्वीकृत न होने की शिकायत की, जिस पर जिलाधिकारी ने जीएमडीआई से एटीआर मांगी। इसके साथ ही, अवैध निर्माण, करंट लगने, भूमि के अवैध कब्जे, और कई अन्य समस्याओं पर भी प्रशासन ने कार्रवाई के आदेश दिए।

कार्यक्रम में उपस्थित फरियादियों ने पारिवारिक भूमि विवाद, रजिस्ट्री और निजी भूमि से कब्जा हटवाने के मामलों को भी उठाया। इस दौरान एडीएम (एफआर) केके मिश्रा, एसडीएम स्मृता परमार और अन्य अधिकारियों ने भी समस्याओं का समाधान करने में मदद की।

जनसुनवाई कार्यक्रम ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि प्रशासन अपने नागरिकों के प्रति कितनी संवेदनशील है और उनके मुद्दों के समाधान के प्रति कितना तत्पर है। इस प्रकार के कार्यक्रमों की अधिक आवश्यकता है ताकि दूर-दूर से आए नागरिकों की समस्याओं का निवारण हो सके।

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Team Amrita Bazaar Patrika

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