श्री यमुनोत्री धाम के कपाट भैया दूज पर्व पर शीतकाल हेतु बंद, 6.44 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

Oct 23, 2025 - 14:44
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श्री यमुनोत्री धाम के कपाट भैया दूज पर्व पर शीतकाल हेतु बंद, 6.44 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
श्री यमुनोत्री धाम के कपाट भैया दूज पर्व पर शीतकाल हेतु बंद, 6.44 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

श्री यमुनोत्री धाम के कपाट भैया दूज पर्व पर शीतकाल हेतु बंद, 6.44 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

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कम शब्दों में कहें तो, भैया दूज के पावन अवसर पर आज यानि 23 अक्टूबर 2025 को, श्री यमुनोत्री धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। इस अवसर पर करीब 6.44 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए, जिससे यह यात्रा काल के दौरान एक महत्वपूर्ण घटना बन गई।

धाम के कपाट बंद होने की प्रक्रिया

उत्तरकाशी में आज गूंज रहे वैदिक मंत्रों के साथ श्री यमुनोत्री धाम के कपाट दोपहर 12 बजकर 30 मिनट पर विधिपूर्वक बंद किए गए। इस समारोह में हजारों श्रद्धालु और तीर्थ पुरोहित उपस्थित थे, जिन्होंने इस पारंपरिक आस्था के अनुष्ठान का साक्षी बनने का सौभाग्य प्राप्त किया। इस अवसर पर मां यमुना के भाई शनिदेव महाराज की डोली वाद्ययंत्रों के साथ खरसाली गांव से धाम के लिए रवाना हुई, जो श्रद्धालुओं के लिए एक अद्वितीय अनुभव था।

विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन

धाम में प्रातः से ही विशेष पूजा-अर्चना और यज्ञ का आयोजन किया गया, जो श्रद्धालुओं की आस्था को और भी गहरा करता है। कपाट बंद करने के बाद, यमुना जी की भोग मूर्ति को शनिदेव समेश्वर महाराज की अगुवाई में डोली के माध्यम से खरसाली गांव ले जाया गया। इसके बाद श्रद्धालु आगामी छह माह तक यमुना मां के दर्शन और पूजा-अर्चना खरसाली स्थित मंदिर में कर सकेंगे।

यात्रा का समापन और आभार ज्ञापन

श्री यमुनोत्री धाम मंदिर समिति ने इस वर्ष की यात्रा के सफलतापूर्वक संपन्न होने पर सभी श्रद्धालुओं, प्रशासन, पुलिस बल, और स्थानीय निवासियों का आभार व्यक्त किया है। इस वर्ष यात्रा काल में कपाटोद्घाटन से लेकर कपाटबंदी तक कुल 6,44,505 श्रद्धालुओं ने धाम के दर्शन किए।

विविध आंकड़े और श्रद्धालुओं का योगदान

विशेष बात यह है कि इस बार जनपद के प्रमुख तीर्थधामों—श्री यमुनोत्री और श्री गंगोत्री—में कुल 14 लाख से अधिक तीर्थयात्री 1,55,731 छोटे-बड़े वाहनों से पहुंचे, जो इस क्षेत्र में तीर्थाटन के बढ़ते महत्व को दर्शाता है। यह यात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि स्थानीय आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देती है।

उपसंहार

भैया दूज के पावन पर्व पर श्री यमुनोत्री धाम के कपाट बंद होने की यह प्रक्रिया श्रद्धालुओं के लिए एक विशेष अवसर बन गई है। इस दौरान लाखों लोगों ने अपनी आस्था को और भी प्रगाढ़ किया। आने वाले छह महीनों में श्रद्धालु खरसाली स्थित मंदिर में यमुना जी के दर्शन कर सकेंगे।

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Team Amrita Bazaar Patrika

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