स्वामी रसिक महाराज का नृसिंह वाटिका आश्रम रायवाला में भव्य स्वागत, संस्कृति की रक्षा की अपील

Dec 10, 2025 - 00:44
 106  501.8k
स्वामी रसिक महाराज का नृसिंह वाटिका आश्रम रायवाला में भव्य स्वागत, संस्कृति की रक्षा की अपील
स्वामी रसिक महाराज का नृसिंह वाटिका आश्रम रायवाला में भव्य स्वागत, संस्कृति की रक्षा की अपील

स्वामी रसिक महाराज का नृसिंह वाटिका आश्रम रायवाला में भव्य स्वागत, संस्कृति की रक्षा की अपील

Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - Amrita Bazaar Patrika

कम शब्दों में कहें तो, स्वामी रसिक महाराज का नृसिंह वाटिका आश्रम में किया गया भव्य स्वागत हमें त्याग और समर्पण का संदेश देता है।

रायवाला, 9 दिसंबर। सनातन धर्म विकास परिषद उत्तर प्रदेश के नवनियुक्त अध्यक्ष, दर्जा प्राप्त कैबिनेट मंत्री स्वामी रसिक महाराज का नृसिंह वाटिका आश्रम में जोरदार स्वागत किया गया। यह समारोह सामाजिक, राजनीतिक और धार्मिक क्षेत्रों के अनेक प्रतिष्ठित व्यक्तियों की उपस्थिति में आयोजित किया गया, जिन्होंने महाराज को पुष्प माला पहनाकर सम्मानित किया।

स्वामी रसिक महाराज का संदेश

इस अवसर पर, स्वामी रसिक महाराज ने अपने संबोधन में एक महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि आज के समय में पूरे देश में धन का प्रलोभन देकर धर्मान्तरण का एक व्यापक संकट उत्पन्न हो चुका है, जो हमारी सनातन संस्कृति के लिए खतरा बन गया है। उन्होंने सभी लोगों से अपील की कि वे अपनी संस्कृति और धर्म के प्रति जागरूक रहें, जिससे कि हम अपनी पहचान और सांस्कृतिक धरोहर को सुरक्षित रख सकें।

आधिकारिक उपस्थित लोग

स्वामी रसिक महाराज के स्वागत में विभिन्न महत्वपूर्ण व्यक्ति उपस्थित रहे, जिनमें भाजपा नेता विपिन कर्णवाल, ग्राम प्रधान खांड गाँव की श्रीमती सविता नेगी, विश्व हिन्दू परिषद के जिला महामंत्री अजय सिंह, कुलदीप नेगी, रवि कुकरेती, करण नेगी, सुरेश कुकसाल, रेनू विष्ट, दरमियान सिंह, अजय साहू, आश्रम की संचालिका साध्वी मां देवेश्वरी और अनेक अनुयायी शामिल थे। उनकी उपस्थिति ने इस समारोह की गरिमा को और बढ़ा दिया।

संस्कृति की सुरक्षा का संदेश

स्वामी रसिक महाराज ने यह भी दोहराया कि हमारी संस्कृति से जुड़े रहना केवल एक व्यक्तिगत जिम्मेदारी नहीं बल्कि यह समस्त समाज की जिम्मेदारी है। जब हम वैदिक हिन्दू सनातन संस्कृति से जुड़े रहेंगे, तभी हम किसी भी प्रकार के बाहरी प्रलोभनों का सामना कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को अपने आचार और व्यवहार में ‌धर्म-कर्म को सुनिश्चित करना चाहिए, ताकि हमारी संस्कृति थम न जाए।

स्वामी रसिक महाराज के स्वागत समारोह ने यह स्पष्ट कर दिया कि संस्कृति को बचाने के लिए एकजुट होना आवश्यक है। ऐसे में, सभी वर्गों के लोगों को इस मिशन में जुटना होगा ताकि हम अपनी पहचान को बनाए रख सकें।

इस महत्वपूर्ण घटना पर और अपडेट्स के लिए, आप यहाँ क्लिक करें.

सादर,
अनुश्री शर्मा
Team Amrita Bazaar Patrika

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0