गारहवाल की संस्कृति को प्रदर्शित करती फिल्म “जोना” का भव्य सम्मान समारोह

Sep 14, 2025 - 00:44
 164  501.8k
गारहवाल की संस्कृति को प्रदर्शित करती फिल्म “जोना” का भव्य सम्मान समारोह
गारहवाल की संस्कृति को प्रदर्शित करती फिल्म “जोना” का भव्य सम्मान समारोह

गारहवाल की संस्कृति को प्रदर्शित करती फिल्म “जोना” का भव्य सम्मान समारोह

Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - Amrita Bazaar Patrika

कम शब्दों में कहें तो, टिहरी गढ़वाल में गढ़वाली फिल्म “जोना” की टीम को सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम ने सांस्कृतिक धरोहर को संजोए रखने का संदेश दिया।

टिहरी गढ़वाल, 13 सितंबर 2025। टिहरी के बौराड़ी स्थित एक होटल में गढ़वाली फीचर फिल्म “जोना” की टीम का भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस शानदार कार्यक्रम में फिल्म की प्रोड्यूसर किरण पाल और उनके पति राजेंद्र पाल, फिल्म के डायरेक्टर सुशील कुमार “निशेनाथ” और उनकी पत्नी निशिका को फूलमालाओं और स्मृति चिन्ह भेंट कर विशेष सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर प्रोड्यूसर किरण पाल ने कहा, "गढ़वाली सिनेमा केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह हमारी संस्कृति और समाज का आईना है। ‘जोना’ फिल्म के माध्यम से हमारी जड़ों और विरासत को सहेजने का एक महत्वपूर्ण संदेश दिया गया है।" डायरेक्टर सुशील कुमार ने बताया कि यह फिल्म उत्तराखंड की संस्कृति और समाज से जुड़ी सच्ची कहानियों को दर्शाने का प्रयास करती है।

फिल्म के मुख्य अभिनेता अर्जुन चंद्रा ने दर्शकों से अपील की कि वे "जोना" को अवश्य देखें और गढ़वाली सिनेमा को आगे बढ़ाने में योगदान दें। उन्होंने फिल्म की कहानी को प्रेम, परिवार और पहाड़ी जीवन की कठिनाइयों से जोड़ते हुए प्रस्तुत किया।

समारोह में मुख्य कलाकार अर्जुन चंद्रा, अनुष्का पंवार, शिवानी कुकरेती सहित मंजू बहुगुणा, सुमन गौर, राकेश भट्ट, चंद्रवीर नेगी, हीरा नेगी और अन्य कलाकारों को भी सम्मानित किया गया। इसके अलावा, मीडिया कर्मियों को भी उनके प्रचार-प्रसार के प्रयासों के लिए पुरस्कृत किया गया।

समारोह में राकेश भट्ट, महिपाल सिंह नेगी और डॉ. विकास फोन्दनी ने ‘जोना’ को पलायन, स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी और सामाजिक सरोकारों जैसे महत्वपूर्ण विषयों को उठाने वाली एक प्रेरक कृति बताया। उन्होंने गढ़वाली सिनेमा को वैश्विक मंच तक पहुँचाने के लिए एकजुट होने की अपील की।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. राजकिशोर ने अपने गढ़वाली अंदाज में किया। इस समारोह में मुरारी लाल खंडवाल, किशन सिंह रावत, गोविंद सिंह रावत, घनश्याम पंवार, किशोर मंद्रवाल और रोशन सिंह जैसे कई सामाजिक कार्यकर्ता, स्थानीय नागरिक, युवा और सिनेप्रेमी भी उपस्थित रहे।

अन्य गढ़वाली फिल्मों के मुकाबले, “जोना” ने अपने अनूठे विषय और भावनात्मक पकड़ के साथ दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया है। गढ़वाल की संस्कृति को प्रदर्शित करती यह फिल्म न केवल मनोरंजन का साधन है, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक विरासत को भी जीवित रखने का प्रयास करती है।

इस सम्मान समारोह ने न केवल फिल्म की टीम को सराहा, बल्कि गढ़वाली सिनेमा के प्रति लोगों का उत्साह भी बढ़ाया। फिल्मों के माध्यम से हमारी सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखना बेहद महत्वपूर्ण है।

फिर भी, यह जरूरी है कि हम सभी मिलकर अपनी जड़ों को संजोए रखें और गढ़वाली सिनेमा को एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का प्रयास करें।

फिल्म देखने के लिए दर्शकों की विश्वसनीयता और समर्थन इस दिशा में महत्वपूर्ण होगा। इसके लिए, अमरिता बाजार पत्रिका पर और अपडेट्स हासिल करें।

इस विशेष मौके पर सभी उपस्थित लोगों ने गढ़वाली सिनेमा के महत्व को समझा और समर्थन देने का संकल्प लिया।

Team Amrita Bazaar Patrika

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0