घनसाली में सीएससी सेंटर में अनियमितताओं का खुलासा, कार्रवाई के तहत एफआईआर दर्ज और उपकरण सीज
घनसाली में सीएससी सेंटर में अनियमितताओं का खुलासा, कार्रवाई के तहत एफआईआर दर्ज और उपकरण सीज
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कम शब्दों में कहें तो, घनसाली में सीएससी सेंटर में अनियमितताएं उजागर होने पर कड़ी कार्रवाई की गई है। उप जिलाधिकारी अलकेश नौडियाल ने औचक निरीक्षण के बाद एफआईआर दर्ज कराई और उपकरण सीज किए गए हैं।
टिहरी गढ़वाल, 23 जनवरी 2026। उप जिलाधिकारी घनसाली, अलकेश नौडियाल ने घनसाली में स्थित सरोज कम्युनिकेशन सेंटर का औचक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण में पाया गया कि सीएससी संचालक सरोज, पति मस्तराम कंसवाल और मस्तराम कंसवाल, पुत्र बुद्धिराम द्वारा केंद्र संचालन में गंभीर अनियमितताएं की जा रही थीं।
निरीक्षण के दौरान सीएससी के अंदर दो लैपटॉप और एक डेस्कटॉप रखे हुए मिले। इन उपकरणों में विभिन्न विभागों और अधिकारियों द्वारा जारी किए गए प्रमाण पत्रों की एडिटेबल सॉफ्ट कॉपी जैसे मृत्यु प्रमाण पत्र, डॉक्टर का अनुभव प्रमाण पत्र और विभिन्न शैक्षणिक दस्तावेज भी पाए गए। इसके अलावा, अधिकारियों और कर्मचारियों के डिजिटल हस्ताक्षरों की क्रॉप की गई प्रतियां, क्यूआर कोड, और पुलिस वेरिफिकेशन से संबंधित कागजात भी बरामद हुए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए उप जिलाधिकारी ने लैपटॉप, कंप्यूटर और अन्य सामग्री को तुरंत सीज करते हुए थाने में पहली सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज करने का आदेश दिया। यह पहली बार है जब किसी सीएससी केंद्र पर इस प्रकार की कड़ी कार्रवाई की गई है, जो सरकारी योजनाओं के प्रति गंभीर अनियमितताओं को उजागर करता है।
निरीक्षण के समय राजस्व निरीक्षक विजय कुमार, उत्तम दास, नायब तहसीलदार महेशा शाह, मुख्य सहायक भानु पुंडीर, वरिष्ठ सहायक रणवीर रावत, कनिष्ठ सहायक नरेश चौहान और अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे। उनके सहयोग ने इस कार्रवाई को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई।
सीएससी केंद्रों का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिकों को विभिन्न सरकारी सेवाएं प्रदान करना है, लेकिन इस घटनाक्रम ने इन केंद्रों की विश्वसनीयता पर सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। इसके अलावा, ऐसे केंद्रों में अनियमितताओं का मामला न केवल सरकारी प्रणाली की कमजोरी को दिखाता है, बल्कि ग्रामीण जनता के साथ धोखा भी है।
स्थानीय लोगों ने इस कार्रवाई का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि प्रशासन ऐसे मामलों में और भी सख्ती बरतेगा। साथ ही, वे चाहते हैं कि सरकार द्वारा दिया जाने वाला यह सेवा हमेशा पारदर्शी और सही तरीके से संचालित हो, ताकि आम जनता को कोई परेशानी न हो।
यह मामला न केवल घनसाली के लिए, बल्कि संपूर्ण टिहरी गढ़वाल जिले के लिए एक चेतावनी है। ऐसे मामलों का उजागर होना यह दिखाता है कि नागरिकों की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए प्रशासन को सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
आपको बता दें कि इससे पहले भी कई सीएससी केंद्रों में इसी तरह की शिकायतें मिली थीं, परंतु कार्रवाई की गति धीमी रही। अब देखना होगा कि क्या प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अन्य सीएससी केंद्रों में भी ऐसी ही कार्रवाई करता है।
अंत में, आशा है कि यह कार्रवाई समग्रता में सुधार लाने में मदद करेगी, ताकि सीएससी केंद्रों की विश्वसनीयता और गुणवत्ता में वृद्धि हो सके। यदि आपको इस विषय में और जानकारी चाहिए, तो कृपया यहाँ पर क्लिक करें: https://amritabazaarpatrika.com.
सादर,
टीम अमृता बाजार पत्रिका
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