विकसित भारत मिशन 2047: नया विधेयक ग्रामीणों को देगा 125 दिन की रोजगार गारंटी - गणेश जोशी
विकसित भारत मिशन 2047: नया विधेयक ग्रामीणों को देगा 125 दिन की रोजगार गारंटी - गणेश जोशी
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड के ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने हाल ही में एक प्रेस वार्ता का आयोजन करते हुए हरित विधेयक “विकसित भारत – रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण)” अर्थात वीबी-जी राम जी बिल 2025 की जानकारी दी।
नया विधेयक: ग्रामीणों के लिए रोजगार की नई कहानी
आज सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में आयोजित इस प्रेस वार्ता में मंत्री गणेश जोशी ने बताया कि यह विधेयक ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में एक नवाचार है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार समय-समय पर ग्रामीण रोजगार की योजनाएं लागू करती आई है। उदाहरण के लिए, 1989 में प्रारंभ जवाहर रोजगार योजना को 2001 में सम्पूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना के तहत शामिल किया गया, और इसे 2006 में नरेगा के रूप में नया रूप दिया गया।
मनरेगा से वीबी-जी राम जी बिल की यात्रा
मंत्री जोशी ने बताया कि मनरेगा के तहत ग्रामीण परिवारों को पहले 100 दिन का रोजगार मिलता था, लेकिन नए विधेयक के तहत अब यह रोजगार 125 दिनों तक बढ़ाया गया है। यह कदम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। इस योजना के अंतर्गत स्थायी परिसंपत्तियां, जलस्रोतों संबंधी कार्य और कृषि के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे का विकास प्राथमिकता में रहेगा।
रोजगार गारंटी का विस्तार
इस नई योजना के तहत ग्रामीणों को साल में 125 दिन की गारंटीशुदा रोजगार की प्राप्ति होगी। पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों में इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार के बीच 90:10 के अनुपात में धनराशि वितरित होगी। उत्तराखंड जैसे कठिन भौगोलिक क्षेत्रों में सुरक्षा दीवार (रिटेनिंग वॉल) को भी अनुमन्य कार्यों में शामिल किया गया है।
कृषि पर ध्यान केंद्रित
ग्राम्य विकास मंत्री जोशी ने यह भी स्पष्ट किया कि कृषि की व्यस्तता के समय, जैसे बुवाई और कटाई, राज्य सरकार 60 दिन ऐसे निर्धारित करेगी जब इस योजना के अंतर्गत कार्य नहीं कराया जाएगा। इससे किसानों को समुचित श्रमिक प्राप्त हो सकेंगे और ग्रामीण कृषि को बढ़ावा मिलेगा।
सशक्त ग्रामीण भारत का निर्माण
योजना का मुख्य उद्देश्य 2047 तक एक सशक्त और समृद्ध ग्रामीण भारत का निर्माण करना है। जल जीवन मिशन के अंतर्गत सृजित परियोजनाओं की मरम्मत और रखरखाव भी इस कार्यक्रम के हिस्से के रूप में शामिल होगा। विगत योजनाओं में बदलाव का उल्लेख करते हुए मंत्री जोशी ने बताया कि नियमों का उल्लंघन करने पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
सांख्यिकी: योजना का प्रभाव
मंत्री जोशी ने बताया कि वर्तमान में इस मिशन के अंतर्गत 10.10 लाख रजिस्टर्ड जाब कार्ड धारक परिवार हैं, जिनमें से 6.71 लाख सक्रिय परिवार और 16.15 लाख जाब कार्ड धारक श्रमिक हैं। वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिए प्रस्तावित धनराशि 1,51,282 करोड़ रुपये रखी गई है, जिसमें से उत्तराखंड के लिए 840 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की गई है।
निष्कर्ष
गणेश जोशी ने विश्वास जताया कि विकसित भारत-ग्रामीण रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन और आजीविका के विकास में मुख्यानवेद निभाएगा। उन्होंने कहा कि परिवर्तन प्रकृति का नियम है और नई योजनाएं हमेशा विकास की ओर ले जाती हैं।
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सादर,
टीम अम Rita Bazaar Patrika
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