उत्तराखंड में 600 अवैध ढांचों को हटाए जाने की प्रक्रिया – सीएम धामी की पहल

Jan 5, 2026 - 14:44
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उत्तराखंड में 600 अवैध ढांचों को हटाए जाने की प्रक्रिया – सीएम धामी की पहल
उत्तराखंड में 600 अवैध ढांचों को हटाए जाने की प्रक्रिया – सीएम धामी की पहल

उत्तराखंड में 600 अवैध ढांचों को हटाए जाने की प्रक्रिया – सीएम धामी की पहल

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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड में सीएम धामी ने 600 से अधिक अवैध ढांचों को हटाने की प्रक्रिया प्रारंभ की है, जिससे सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।

नई दिल्ली: मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में आयोजित 'शब्दोत्सव' कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार देवभूमि उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को सुदृढ़ बनाने और विधिसम्मत शासन व्यवस्था को लागू करने के लिए कटिबद्ध है। उन्होंने बताया कि अब तक 10 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अवैध कब्जाबाजों से मुक्त कराया गया है।

अवैध कब्जों पर सख्ती

सीएम धामी ने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि पर किए गए अवैध कब्जों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की गई है। उन्होंने बताया कि लगभग 600 अवैध ढांचों को पहचानकर हटाया गया है, जो बिना किसी वैधता के स्थापित किए गए थे। उन्होंने कहा कि "देवभूमि के देवत्व और मूल स्वरूप की रक्षा करना हमारी प्राथमिकता है।" यह न केवल प्रशासनिक कदम है, बल्कि उत्तराखंड की पहचान और संस्कृति की रक्षा का प्रयास भी है।

शिक्षा सुधार की दिशा में कदम

मुख्यमंत्री ने शिक्षा क्षेत्र में सुधार पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि 1 जुलाई 2026 के बाद केवल वही मदरसे मान्य होंगे, जो राज्य शिक्षा बोर्ड द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम का पालन करेंगे। अब तक 250 से अधिक ऐसे मदरसों को बंद किया गया है जो नियमों के खिलाफ संचालित हो रहे थे। यह कदम किसी विशेष समुदाय को लक्षित करने के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए उठाया गया है।

सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता

विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बारे में चर्चा करते हुए, सीएम ने कहा कि इसका उद्देश्य केवल मतदाता सूची को अद्यतन करना नहीं है, बल्कि विभिन्न सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन को मजबूत करना भी है। आयुष्मान योजना के संदर्भ में उन्होंने कहा कि सत्यापन की प्रक्रिया पहले ही शुरू की जा चुकी है, जिसमें राशन कार्ड, आधार और वोटर कार्ड शामिल हैं।

भविष्य की योजनाएँ

आगामी विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए, मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार और संगठन पूरे सक्रियता के साथ कार्य कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में समान नागरिक संहिता, नकल विरोधी कानून और धर्मांतरण विरोधी जैसे ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। इसके अलावा, नीति आयोग के एसडीजी इंडेक्स में उत्तराखंड को देश में पहले स्थान पर रखा गया है।

पर्यटन क्षेत्र में उपलब्धियाँ

पर्यटन के क्षेत्र में, उत्तराखंड को बेस्ट वाइल्डलाइफ और बेस्ट एडवेंचर डेस्टिनेशन का राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुआ है। जाखोल, हर्षिल, गुंजी और सूपी गांव को सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव घोषित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसखंड और केदारखंड क्षेत्रों में तीर्थस्थलों का समग्र विकास किया जा रहा है।

निर्णायक दिशा में विकास

दिल्ली-देहरादून एलीवेटेड रोड परियोजना लगभग पूरी हो चुकी है, जिससे यात्रा समय घटकर 2 से 2.5 घंटे हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि पारदर्शी शासन और दृढ़ संकल्प से योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाया जाएगा।

इस अभूतपूर्व पहल ने उत्तराखंड के विकास की नई दिशा को उजागर किया है। मुख्यमंत्री धामी की यह नीतियाँ राज्य के नागरिकों के लिए एक सकारात्मक संकेत हैं जो विकास और सुधार के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।

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सादर, टीम अम Rita Bazaar Patrika

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