उत्तराखण्ड में खनन राजस्व का नया इतिहास, 1200 करोड़ का आंकड़ा पार

Apr 5, 2026 - 21:44
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उत्तराखण्ड में खनन राजस्व का नया इतिहास, 1200 करोड़ का आंकड़ा पार
उत्तराखण्ड में खनन राजस्व का नया इतिहास, 1200 करोड़ का आंकड़ा पार

उत्तराखण्ड में खनन राजस्व का नया इतिहास, 1200 करोड़ का आंकड़ा पार

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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखण्ड में पहली बार खनन राजस्व 1200 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है। यह मुख्यमंत्री पुष्कर धामी के नेतृत्व में खनन क्षेत्र में ऐतिहासिक सफलता को दर्शाता है।

देहरादून। उत्तराखण्ड के खनन विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए निर्धारित राजस्व लक्ष्य 950 करोड़ रुपये के मुकाबले 1217 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है, जो कि एक नया रिकॉर्ड है। इस उपलब्धि से यह स्पष्ट है कि मुख्यमंत्री पुष्कर धामी की नीतियों ने खनन क्षेत्र में बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

खनन माफिया पर लगाम

सीएम धामी ने कहा है कि खनन माफिया पर कड़ी लगाम लगाने से ही राजस्व में वृद्धि संभव हुई है। भाजपा के कुछ नेता अवैध खनन के मुद्दें को उठाकर सरकार को घेरने की कोशिश करते रहे हैं, लेकिन ताजा आंकड़े उनकी बातों का खंडन करते हैं।

नई सकारात्मक दिशा की ओर कदम

आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2012-13 में खनन राजस्व महज 110 करोड़ रुपये था, जो अब 2025-26 में 1217 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट का कहना है कि यह वृद्धि मुख्यमंत्री धामी की पारदर्शी और सुधारोन्मुखी नीतियों का परिणाम है।

तकनीकी नवाचारों का महत्व

सीएम धामी ने खनन नीतियों में सुधार के साथ-साथ तकनीकी नवाचारों को भी महत्व दिया है। माइनिंग डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन एंड सर्विलांस सिस्टम (MDTSS) के अंतर्गत नए चेकपोस्ट और आधुनिक उपकरणों की स्थापना की गई है।

राष्ट्रीय स्तर पर मिली सराहना

इन पहलों का राष्ट्रीय स्तर पर भी सम्मान किया गया है। 28 मार्च 2026 को नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में MDTSS को SKOCH Award (Gold) से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा, राज्य को खनन में उत्कृष्टता के लिए भी पुरस्कार मिले हैं।

आगे का मार्ग

मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड में खनन क्षेत्र ने पारदर्शिता और तकनीकी सशक्तिकरण के बल पर एक नई दिशा ली है। इस दिशा में आगे बढ़ने से राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में सहायता मिलेगी।

हालांकि, पूर्व सीएम त्रिवेंद्र रावत समेत कुछ भाजपा विधायक अवैध खनन के खिलाफ बोलते रहे हैं, जबकि मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने भी खनन पट्टों के आवंटन पर सवाल उठाए हैं। लेकिन खनन राजस्व में इस वृद्धि के आंकड़े धामी सरकार के लिए राहत भरी खबर बनकर आए हैं।

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संपादकीय लेखक: सुमीरा थापा
Team Amrita Bazaar Patrika

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