क्लेमनटाउन में शहीदों की याद में भव्य देवी भागवत कथा, राज्यपाल होंगे मुख्य अतिथि
क्लेमनटाउन में शहीदों की याद में भव्य देवी भागवत कथा, राज्यपाल होंगे मुख्य अतिथि
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कम शब्दों में कहें तो, क्लेमनटाउन में आगामी 25 जनवरी से 2 फरवरी 2026 तक आयोजित होने वाली श्रीमद् देवी भागवत कथा एवं आशीर्वाद कवच महायज्ञ का उद्देश्य राष्ट्र के असीम शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करना है। यह भव्य आयोजन रघुनाथ मंदिर में आयोजित किया जाएगा, जिसमें उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेनि.) गुरमीत सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
देहरादून से मिली जानकारी के अनुसार, यह विशेष आयोजन मां ज्वाल्पा देवी कीर्तन मण्डली और नृसिंह भक्ति सेवा संस्थान उत्तराखंड के सहयोग से संपन्न होगा। आयोजक श्रीमती मंजू कोटनाला, जो नृसिंह भक्ति सेवा संस्थान की प्रभारी भी हैं, ने पुष्टि की है कि 25 जनवरी को दोपहर 2 बजे रघुनाथ मंदिर से भव्य कलश यात्रा का आयोजन होगा। इसमें मातृशक्ति व अन्य श्रद्धालुओं को भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है। यह आयोजन न केवल धार्मिक बल्कि आध्यात्मिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है।
आध्यात्मिक उद्देश्य और कार्यक्रम की रूपरेखा
नौ दिवसीय इस धार्मिक अनुष्ठान का मुख्य उद्देश्य है राष्ट्र के शहीदों के बलिदान को नमन करना, आपदाओं में दिवंगत आत्माओं के लिए सामूहिक प्रार्थना करना और समाज की शांति एवं कल्याण के लिए प्रार्थना करना। 2 फरवरी को इस कथा का समापन भजन-कीर्तन, हवन, पूर्णाहुति के साथ-साथ विशाल भंडारे के आयोजन से होगा।
देवी भागवत कथा का अमृतमय वाचन प्रसिद्ध संत और सनातन धर्म विकास परिषद उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष नृसिंह पीठाधीश्वर स्वामी रसिक महाराज द्वारा किया जाएगा। यह कथा श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करेगी और उन्हें प्रेरित करेगा ताकि वे पुण्य के इस महायज्ञ में भाग लेते हुए अपना योगदान दें।
सामुदायिक सहभागिता की अपील
आयोजकों ने सभी धर्मप्रेमी जनमानस से आग्रह किया है कि वे इस पावन कथा में परिवार सहित शामिल होकर पुण्य लाभ अर्जित करें। समारोह में भागीदारी न केवल एक धार्मिक कर्तव्य है बल्कि यह एक सामाजिक एकता का प्रतीक भी होगा। मां ज्वाल्पा देवी कीर्तन मण्डली और नृसिंह भक्ति सेवा संस्थान ने संयुक्त रूप से इस महत्वपूर्ण आयोजन में अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की अपील की है।
इस तरह का आध्यात्मिक अनुभव ना केवल हमें हमारी जड़ों से जोड़ता है, बल्कि हमारे भीतर की सकारात्मक ऊर्जा को भी जागृत करता है। हर श्रद्धालु का इस कथा में शामिल होना महत्वपूर्ण है, ताकि हम सब मिलकर शहीदों की शहादत को याद कर सकें और उनका सम्मान कर सकें।
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टीम अम Rita Bazaar Patrika
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