डॉ. अनिल जोशी पर आरक्षित वन भूमि पर कब्जे के आरोप, जांच की मांग

Jan 20, 2026 - 14:44
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डॉ. अनिल जोशी पर आरक्षित वन भूमि पर कब्जे के आरोप, जांच की मांग
डॉ. अनिल जोशी पर आरक्षित वन भूमि पर कब्जे के आरोप, जांच की मांग

डॉ. अनिल जोशी पर आरक्षित वन भूमि पर कब्जे के आरोप, जांच की मांग

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कम शब्दों में कहें तो, पर्यावरणविद् डॉ. अनिल प्रकाश जोशी पर आरक्षित वन भूमि पर अवैध कब्जे का आरोप लगा है, जिसके अंतर्गत उनकी संस्थान HESCO के खिलाफ शिकायत की गई है। इस मामले में जांच की मांग की जा रही है।

हेस्को संस्थान पर लगे गंभीर आरोप

देहरादून: हाल ही में अंकिता भंडारी हत्याकांड से चर्चित हुए पद्म भूषण और पद्म श्री से सम्मानित पर्यावरणविद् डॉ. अनिल प्रकाश जोशी का नाम अब आरक्षित वन भूमि से जुड़े एक गंभीर विवाद में आया है। उनके द्वारा संचालित संस्थान HESCO पर अवैध निर्माण और सड़क निर्माण का आरोप लगाया गया है।

डॉ. अनिल प्रकाश जोशी

आरक्षित वन भूमि में अनधिकृत निर्माण की शिकायत

10 जनवरी को भेजी गई शिकायत में कहा गया है कि आशारोड़ी रेंज के आर्किडिया बीट क्षेत्र में वर्षों से निर्माण गतिविधियां संचालित की गई हैं। इस मामले में ISRO-BHUVAN और Google Earth के उपग्रह चित्रों के प्रमाण भी दिए गए हैं, जो 2011, 2013, 2024 और 2025 के हैं।

शिकायतकर्ता संदीप चमोली ने कहा है कि यह गतिविधियां वन संरक्षण अधिनियम 1980 के प्रावधानों का उल्लंघन करती हैं। उन्होंने वन विभाग से पूरे मामले की गहन जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है।

संपूर्ण देश की नजरें जांच पर

पर्यावरण संबंधी मुद्दों पर सक्रिय डॉ. अनिल जोशी को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली है। उन पर लगे आरोपों को लेकर वन विभाग की जांच और उसके निष्कर्षों की प्रतीक्षा की जा रही है। डॉ. जोशी का एक लिखित बयान मिलने पर उसे सार्वजनिक किया जाएगा।

सुचना में यह भी उल्लेखनीय है कि डॉ. जोशी ने 9/10 जनवरी को अंकिता भंडारी मामले की ताजा जानकारी को लेकर दून में एक एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके बाद से उनके खिलाफ उठी आलोचनाओं की लहर ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचाई है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत सहित अनेक जन संगठन उनके खिलाफ सक्रिय हो गए हैं।

इस विवाद के चलते डॉ. जोशी पर लगे आरोपों की गंभीरता पर नजर रखने के लिए सभी पक्षों का ध्यान अब वन विभाग की रिपोर्ट पर है। इसे लेकर जन जागरूकता और पारदर्शिता की आवश्यकता महसूस की जा रही है।

इस मुद्दे की नवीनतम जानकारी के लिए हमारे साथ जुड़े रहें। अधिक जानकारी के लिए देखें Amrita Bazaar Patrika.

सादर,
टीम अम Rita बाजार पत्रिका
शिल्पा शर्मा

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