धेनु एग्रो घोटाला: 50 हजार का इनामी आरोपी गिरफ्तार, खुलासा हुआ बड़ा मामला
धेनु एग्रो घोटाला: 50 हजार का इनामी आरोपी गिरफ्तार, खुलासा हुआ बड़ा मामला
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड STF ने धेनु एग्रो घोटाले में 50 हजार के इनामी आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो पिछले 7 वर्षों से फरार चल रहा था। इस कार्रवाई में कई अहम जानकारियों का खुलासा हुआ है।
आगरा में की गई बड़ी कार्रवाई
देहरादून: उत्तराखंड पुलिस की एसटीएफ, सीबीसीआईडी और उत्तर प्रदेश एसटीएफ की संयुक्त टीम ने आगरा में एक बड़े आर्थिक धोखाधड़ी मामले में फरार चल रहे आरोपी देवेन्द्र प्रकाश तिवारी को गिरफ्तार किया। उसे पकड़ने पर राज्य में खुशी का माहौल है क्योंकि उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। यह गिरफ्तारी उत्तराखंड पुलिस के द्वारा चलाए जा रहे "ऑपरेशन प्रहार" अभियान के तहत की गई है।
घोटाले का महत्व
2018 में ज्वालापुर, हरिद्वार स्थित धेनु एग्रो प्रोड्यूसर लिमिटेड ने स्थानीय निवेशकों से आरडी और फिक्स डिपॉजिट के नाम पर लाखों रुपये इकट्ठा किए थे। कंपनी ने निवेशकों को विभिन्न बॉन्ड और सर्टिफिकेट जारी करके गड़बड़ की। इस मामले में थाना कोतवाली ज्वालापुर में मुकदमा संख्या 164/2018 धारा 406 और 420 आईपीसी के तहत दर्ज किया गया था।
जांच के दौरान सामने आया कि कंपनी के संचालक अनिल कुमार तिवारी और देवेन्द्र प्रकाश तिवारी ने मिलकर काफी बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी की। उन पर धारा 406, 420, 120बी भादवि के अंतर्गत कार्रवाई की गई है।
सुरक्षा बलों की रणनीति
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि तिवारी पिछले कुछ वर्षों से फरार था और लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था। उसके खिलाफ बचने के लिए कड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया गया। तकनीकी सर्विलांस, मानव स्रोतों और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर उसकी गतिविधियों पर नजर रखी गई। इससे पहले सह अभियुक्त अनिल कुमार तिवारी को भी धर पकड़ा गया था।
टीम ने एक महीने तक उसकी गतिविधियों पर चौड़ी नजर रखते हुए आगरा के डौकी क्षेत्र में घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार किया। वह अंततः ओबाटी गाँव में कमर पर सादे कपड़े पहने पाया गया।
भविष्य की योजनाएँ
अब जब आरोपी देवेन्द्र प्रकाश तिवारी को गिरफ्तार कर लिया गया है, तो आगे की कार्रवाई को तेज किया जाएगा। उसे कोतवाली ज्वालापुर में दाखिल किया गया है जहां से उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही शुरू की जाएगी। इससे यह संकेत मिलता है कि राज्य पुलिस तंत्र ऐसे आर्थिक धोखाधड़ी मामलों को गंभीरता से ले रहा है और अपराधियों के खिलाफ कठोर कदम उठा रहा है।
सार्वजनिक और निजी निवेशकों की सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार का ध्यान इस मामले की गहराई में जाकर जानकारी इकट्ठा करना और इस तरह के मामलों में विभिन्न पहलुओं पर सख्त जांच करने देना बहुत आवश्यक है।
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— टीम अमृता बाजार पत्रिका, प्रिया शर्मा
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