साढ़े 8 करोड़ की लागत से हिमाद्रि आइस रिंक का जीर्णोद्धार: खेलों में नई उड़ान
साढ़े 8 करोड़ की लागत से हिमाद्रि आइस रिंक का जीर्णोद्धार: खेलों में नई उड़ान
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड में हिमाद्रि आइस रिंक का जीर्णोद्धार कर इसे फिर से खिलाड़ियों के लिए खोल दिया गया है। इसे साढ़े 8 करोड़ की लागत से refurbish किया गया है, जोकि राज्य में खेलों के विकास में एक महत्वपूर्ण कदम है।
हिमाद्रि आइस रिंक की प्रथम वर्षगांठ
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में आयोजित एक समारोह में हिमाद्रि आइस रिंक के जीर्णोद्धार की प्रथम वर्षगांठ समारोह में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों को संबोधित करते हुए इस आइस रिंक की महत्वता पर जोर दिया। उन्होंने उत्तराखंड हॉकी आइस टीम की जर्सी का विमोचन किया और सभी उपस्थित अतिथियों को इस अवसर पर शुभकामनाएँ दीं।
मुख्यमंत्री ने कहा, "हिमाद्रि आइस रिंक केवल उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। यह वह स्थान है जहां खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं प्राप्त होती हैं।" उन्होंने यह भी बताया कि इस आइस रिंक का उद्घाटन 2011 में साउथ एशियन विंटर गेम्स के दौरान हुआ था। हालाँकि, पिछले कुछ वर्षों में इसके रखरखाव की कमी के कारण इसे बंद कर दिया गया था।
उनका कहना था कि इस आइस रिंक की दयनीय स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने इसे फिर से चालू करने का निर्णय लिया। लगभग साढ़े 8 करोड़ रुपये की लागत से पिछले वर्ष इसका जीर्णोद्धार किया गया और इसे फिर से खिलाड़ियों के लिए समर्पित किया गया। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि यहां हरित ऊर्जा के लिए एक मेगावाट क्षमता का सोलर प्लांट स्थापित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि जीर्णोद्धार के बाद, हिमाद्रि आइस रिंक ने फिर से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के आयोजन का केंद्र बनना शुरू कर दिया है। पिछले वर्ष में यहां कई महत्वपूर्ण आयोजनों का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया, जिसमें नेशनल आइस स्केटिंग चैंपियनशिप, एशियन ट्रॉफी, और राष्ट्रीय आइस हॉकी लीग शामिल हैं। वर्तमान में, विभिन्न राज्यों के खिलाड़ी यहाँ स्केटिंग और आइस हॉकी का प्रशिक्षण ले रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय आइस हॉकी टीम के प्रशिक्षण शिविर का आयोजन भी इसी रिंक में हुआ। इस प्रकार की गतिविधियों से प्रदेश के लिए गर्व की स्थिति बनी है। पिछले वर्ष भारत ने पहली बार "एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी" की सफल मेज़बानी की, जिसमें एशिया के 11 देशों के 200 से अधिक खिलाड़ियों ने भाग लिया।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा, "भारत में आइस स्केटिंग और आइस हॉकी के प्रति बढ़ते आकर्षण के बीच, हम आने वाले समय में शीतकालीन खेलों में एक मजबूत शक्ति के रूप में उभरेंगे।" उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में "खेलो इंडिया" और "फिट इंडिया मूवमेंट" जैसे कार्यक्रमों से देश में खेल संस्कृति को बढ़ावा मिला है।
सीएम धामी ने उत्तराखंड की पहचान को "देवभूमि" के साथ-साथ "खेलभूमि" के रूप में नई पहचान दिलाने पर जोर दिया। 38वें राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन के द्वारा उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने 103 पदक जीतकर नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
मुख्यमंत्री ने राज्य में विश्वस्तरीय खेल अवसंरचना के विकास के लिए निरंतर प्रयासरत रहने की बात की और कहा कि उत्तराखंड के आठ प्रमुख शहरों में 23 खेल अकादमियों की स्थापना की जाएगी। यह योजना 920 विश्वस्तरीय एथलीटों और 1000 अन्य खिलाड़ियों को उच्चस्तरीय प्रशिक्षण प्रदान करेगी।
उन्होंने हल्द्वानी में उत्तराखंड के पहले खेल विश्वविद्यालय और लोहाघाट में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज की स्थापना की प्रक्रिया पर भी जोर दिया। नई खेल नीति के अंतर्गत, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक विजेताओं को सरकारी नौकरी की सुविधा और खिलाड़ियों को छात्रवृत्ति देने की भी योजना है।
इस अवसर पर खेल मंत्री श्रीमती रेखा आर्य, विधायक उमेश शर्मा काऊ, विशेष सचिव अमित सिन्हा और बड़ी संख्या में खिलाड़ी एवं खेल प्रेमी उपस्थित रहे।
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तेजस्विनी कुमारी, Team Amrita Bazaar Patrika
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