सेलाकुई में 11-12 जून 2026 को दालचीनी विषयक अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन
सेलाकुई, देहरादून में 11 और 12 जून 2026 को दालचीनी विषयक अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार
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कम शब्दों में कहें तो, देहरादून के सेलाकुई स्थित परफ्यूमरी एवं सगन्ध अनुसंधान एवं विकास संस्थान में दालचीनी संबंधित एक अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन किसानों के लिए नए अवसरों और तकनीकों को प्रस्तुत करेगा।
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने बुधवार को मीडिया सेंटर में आयोजित प्रेस वार्ता में इस द्विदिवसीय संगोष्ठी के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह सेमिनार दालचीनी की खेती में नवीनतम तकनीकों, सतत कृषि और कटाई के बाद की प्रक्रियाओं को उजागर करेगा। भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को उनके लंबे कार्यकाल के लिए बधाई भी दी गई।
परफ्यूमरी एवं सगन्ध अनुसंधान एवं विकास संस्थान का महत्व
सेलाकुई, देहरादून स्थित सगन्ध पौध केन्द्र को अब परफ्यूमरी एवं सगन्ध अनुसंधान एवं विकास संस्थान के रूप में जाना जाता है। यह संस्थान एरोमैटिक सेक्टर में एक प्रमुख भूमिका निभा रहा है। पिछले 20 वर्षों में, संस्थान ने सगन्ध फसलों के माध्यम से लगभग 10,000 हेक्टेयर भूमि को आच्छादित किया है और 109 एरोमा कलस्टरों में 29,000 किसानों को कृषि में संलग्न किया है। इसके अलावा, 200 से अधिक फील्ड डिस्टीलेशन यूनिट भी स्थापित की गई हैं। 2003 में एरोमैटिक सेक्टर का टर्नओवर केवल 2 करोड़ रुपये था जो अब 2025 में 100 करोड़ से अधिक पहुंच गया है।
महक क्रांति नीति 2026
मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने एरोमैटिक सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए "महक क्रांति नीति 2026" को लागू किया है। इस नीति के अंतर्गत, लगभग 23,000 हेक्टेयर भूमि को सगन्ध खेती से आच्छादित किया जाएगा और 91,000 किसानों को लाभान्वित किया जाएगा। चम्पावत एवं नैनीताल जिलों में "सिनेमन वैली" का विकास किया जा रहा है। इसका उद्देश्य किसानों, उद्यमियों, और उद्योगों के लिए नए अवसर सृजित करना है।
दालचीनी सेमिनार का उद्देश्य
इस सेमिनार का आयोजन 11 और 12 जून 2026 को "दालचीनी: प्रवर्धन, सतत खेती एवं कटाई उपरांत प्रौद्योगिकियों में नवाचार" विषय पर किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य दालचीनी की व्यावसायिक खेती को बढ़ावा देना, ऊँचाई तकनीकों और वैश्विक अनुभवों को साझा करना, और अनुसंधान तथा उद्योग के बीच समन्वय स्थापित करना है। इसके अतिरिक्त, खाद्य सुरक्षा, गुणवत्ता मानकों और निर्यात आवश्यकताओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी इसमें शामिल है।
विशेषज्ञों की भागीदारी
इस सेमिनार में दालचीनी से संबंधित अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय विशेषज्ञ भाग लेंगे। विशेष रूप से, श्रीलंका के नेशनल सिनेमन रिसर्च एंड ट्रेनिंग सेंटर के विशेषज्ञ, प्योर सिनेमन एक्सपोर्ट्स के निदेशक और इंडोनेशिया के रिसर्च सेंटर फॉर एस्टेट क्रॉप्स के विशेषज्ञ इस संगोष्ठी में शामिल होंगे। इसके अलावा, भारत के प्रमुख संस्थानों के विशेषज्ञ, 40 डेलीगेशन, 50 सिनामन के किसान और विभिन्न विभागीय अधिकारी भी इसमें भाग लेंगे।
इस सेमिनार का आयोजन उत्तराखंड सरकार की "उत्तराखंड महक क्रांति नीति 2026-36" के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
सूचना के इस महत्त्वपूर्ण आयोजन की पूर्व तैयारी में सरकार जुटी हुई है और इससे निश्चित रूप से न केवल किसानों को लाभ होगा बल्कि उत्तराखंड को दालचीनी उत्पादन का एक प्रमुख केंद्र स्थापित करने में भी मदद मिलेगी।
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— टीम अमृता बाजार पत्रिका
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