मुख्यमंत्री ने कारगिल विजय दिवस पर शहीदों को दी श्रद्धांजलि, समारोह में की अनुग्रह राशि बढ़ाने की घोषणा
मुख्यमंत्री ने कारगिल विजय दिवस पर शहीदों को दी श्रद्धांजलि
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कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कारगिल विजय दिवस के अवसर पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और परमवीर चक्र से सम्मानित वीरों के लिए अनुग्रह राशि की वृद्धि की घोषणा की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को गांधी पार्क, देहरादून में शहीद स्मारक पर कारगिल विजय दिवस (शौर्य दिवस) के अवसर पर पुष्पचक्र अर्पित करते हुए कारगिल के अमर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस विशेष मौके पर उन्होंने कारगिल युद्ध में अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीदों के परिजनों को सम्मानित करते हुए उनके अद्वितीय त्याग, शौर्य और राष्ट्रसेवा की महत्ता को नमन किया। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि परमवीर चक्र से सम्मानित वीरों के लिए अनुग्रह राशि को डेढ़ करोड़ से बढ़ाकर 2 करोड़ रुपये किया जाएगा।
कारगिल विजय का अमिट अंकन
मुख्यमंत्री ने कहा कि कारगिल विजय भारतीय सेना के अदम्य साहस, अद्वितीय पराक्रम तथा राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि 18,000 फीट की ऊंचाई पर, भारतीय सैनिकों ने निरंतर बलिदान के साथ दुश्मनों का सामना किया और अपनी वीरता तथा अटूट मनोबल का परिचय दिया। ये घटनाएँ न केवल भारतीय सेना की शक्ति को प्रमाणित करती हैं, बल्कि विश्व के समक्ष हमारी सैन्य क्षमता को भी दर्शाती हैं।
शहीदों की वीरता का संस्कार
मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि कारगिल युद्ध में कुल 527 सैनिकों ने सर्वोच्च बलिदान दिया, जिनमें उत्तराखंड के 75 वीर सपूत भी शामिल हैं। यह केवल देवभूमि नहीं है, बल्कि वीरभूमि भी है, और यहां की सैन्य परंपरा देश के लिए प्रेरणाश्रोत बनती है।
सुरक्षा नीति में बदलाव
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत की सुरक्षा नीति अधिक सशक्त और निर्णायक बन गई है। आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई, सीमावर्ती क्षेत्रों में आधारभूत संरचनाओं का विकास, और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में किए गए प्रयास, आधुनिक भारत की ताकत के प्रतीक हैं।
राज्य सरकार के कदम
राज्य सरकार भी शहीद परिवारों, पूर्व सैनिकों और वीरों के कल्याण के प्रति कठोर प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि शहीदों के आश्रितों को अनुग्रह राशि 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये की गई है। इसके अलावा, सभी वीरता पुरस्कार विजेताओं को एकमुश्त और वार्षिक सहायता राशि में भी महत्वपूर्ण वृद्धि की गई है।
सामाजिक सुरक्षा योजना
मुख्यमंत्री ने बताया कि शहीद परिवारों के एक सदस्य को सरकारी सेवा में समायोजन, शहीद परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए सहायता, और वीरता पुरस्कार विजेताओं के लिए निःशुल्क यात्रा जैसी जनकल्याणकारी योजनाएं लागू की गई हैं। आईटी प्रोफेशनल और नया कौशल सीखने वाले युवाओं के लिए प्रशिक्षिण कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं।
सैन्य धाम का निर्माण
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि देहरादून के गुनियाल गांव में राज्य के 'पांचवे धाम' के रूप में सैन्य धाम का निर्माण चल रहा है। इसे शहीदों की पवित्र मिट्टी से बनाया जा रहा है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए राष्ट्रभक्ति, त्याग और बलिदान का स्थान बनेगा।
अग्निवीरों का सम्मान
राज्य सरकार पूर्व अग्निवीरों के उज्ज्वल भविष्य के लिए ठोस कदम उठा रही है। इसके तहत अग्निवीर रोजगार सेल की स्थापना की जा रही है, जिससे उन्हें रोजगार की तलाश में सहायता मिलेगी। उत्तराखंड पुलिस, वन विभाग में उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी, और कौशल विकास प्रशिक्षण जैसी सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी।
आह्वान
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे कारगिल के अमर शहीदों के त्याग और शौर्य से प्रेरणा लेकर एक विकसित और आत्मनिर्भर उत्तराखंड का निर्माण करें। उनका बलिदान सदैव देशवासियों को मातृभूमि और कर्तव्य के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा देता रहेगा।
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने भी कहा कि कारगिल विजय दिवस भारतीय सेना के शौर्य और बलिदान का प्रतीक है। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार की वचनबद्धता की सराहना की और कहा कि शहीद परिवारों का कल्याण सबसे प्राथमिकता है।
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सादर,
टीम अमrita बाजार पत्रिका
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