यूपीसीएल की निदेशक मंडल बैठक में महत्वपूर्ण द्वार खोले गए, एमडी ध्यानी ने श्रद्धा पूर्वक आभार व्यक्त किया

Jul 27, 2026 - 21:44
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यूपीसीएल की निदेशक मंडल बैठक में महत्वपूर्ण द्वार खोले गए, एमडी ध्यानी ने श्रद्धा पूर्वक आभार व्यक्त किया
यूपीसीएल की निदेशक मंडल बैठक में महत्वपूर्ण द्वार खोले गए, एमडी ध्यानी ने श्रद्धा पूर्वक आभार व्यक्त किया

यूपीसीएल की निदेशक मंडल बैठक में महत्वपूर्ण द्वार खोले गए, एमडी ध्यानी ने श्रद्धा पूर्वक आभार व्यक्त किया

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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखण्ड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) की निदेशक मंडल की बैठक आज सफलतापूर्वक संपन्न हुई। यह बैठक मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, आईएएस की अध्यक्षता में आयोजित की गई, जिसमें कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई और निर्णय लिए गए।

बैठक का उद्देश्य और प्रमुख सदस्य

बैठक में उपस्थिति दर्ज करने वाले सदस्यों में स्वतंत्र निदेशक पराग गुप्ता, प्रमुख सचिव वित्त दिलीप जावलकर, आईएएस, और यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक के साथ ही यूजेवीएनएल के प्रबंध निदेशक भी शामिल थे। इस बैठक का उद्देश्य यूपीसीएल के वार्षिक बजट को मंजूरी देना और विद्युत वितरण क्षेत्र में सुधार के लिए योजनाएँ बनाना था।

वार्षिक बजट का अनुमोदन

बैठक के दौरान, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए यूपीसीएल के वार्षिक राजस्व बजट और पूंजीगत बजट को विस्तृत विचार-विमर्श के बाद मंजूरी दी गई। निदेशक मंडल ने विश्वास व्यक्त किया कि स्वीकृत बजट से निगम की वित्तीय स्थिरता बढ़ेगी और विद्युत वितरण प्रणाली के आधुनिकीकरण सहित उपभोक्ता सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा। यह कदम उत्तराखंड में ऊर्जा क्षेत्र में एक नई दिशा देगा।

मानव संसाधन नीतियों में बदलाव

मानव संसाधन के मुद्दों पर चर्चा करते हुए निदेशक मंडल ने यह निर्णय लिया कि नव नियुक्त कर्मचारियों को रियायती विद्युत दर, दिवंगत कर्मचारियों के आश्रितों के लिए अनुग्रह राशि, और विद्युत दुर्घटनाओं में पशुओं की क्षति पर क्षतिपूर्ति जैसी सभी बाधाओं को समाप्त करने के लिए उत्तराखंड के सभी ऊर्जा निगमों के लिए समान नीति तैयार की जाएगी। इसका उद्देश्य कार्य का सरलीकरण करना है, ताकि कर्मचारियों की भलाई सुनिश्चित हो सके।

विद्युत अवसंरचना में विस्तार

बैठक में विद्युत अवसंरचना के विस्तार पर भी विशेष ध्यान दिया गया, जिसमें गढ़वाल एवं कुमाऊँ क्षेत्र में 12 नए विद्युत उपकेंद्रों की स्थापना को मंजूरी दी गई। इसके अलावा, चम्पावत जिले के अमोरी और भगीना-भण्डारी में दो नए उपकेंद्र खोलने का निर्णय लिया गया है। इस फैसले से क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति की गुणवत्ता और विश्वसनीयता में सुधार होगा, जिससे भविष्य की विद्युत मांग को पूरा करने में सहायता मिलेगी।

भविष्य की योजनाएँ

निदेशक मंडल ने यह निर्देश भी दिया कि यूपीसीएल अगले तीन महीनों में आगामी 5 वर्षों का Resource Adequacy Plan तैयार करे। यह योजना निगम के संचालन की भविष्यवाणियों को बेहतर ढंग से सुनिश्चित करने में मदद करेगी।

अंतिम शब्द

बैठक के अंतिम चरण में, प्रबंध निदेशक पी.सी. ध्यानी ने मुख्य सचिव, स्वतंत्र निदेशक, प्रमुख सचिव (वित्त), और यूजेवीएनएल के प्रबंध निदेशक को उनके सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। यह बैठक यूपीसीएल के लिए नए युग की शुरुआत के रूप में देखी जा रही है, जिसमें विकास और प्रगति के कई द्वार खुले हैं।

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Team Amrita Bazaar Patrika

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